भारत में किराना क्षेत्र देश का सबसे बड़ा लेकिन एक असंगठित क्षेत्र है, और शायद यही वजह है कि बीते कुछ सालों में काफ़ी स्टार्टअप्स ने इस क्षेत्र का रूख किया है। और इसमें सबस अहम बनकर उभरा है B2B स्टार्टअप Udaan, जिसने अब अपने निवेश दौर में $280 मिलियन का निवेश हासिल किया है।

दरसल इस बीच इस निवेश को हासिल कर यन स्टार्टअप COVID-19 के दौर में भी अपने विकास को जारी रखना चाहता है।

दरसल यह निवेश कंपनी के सीरीज़-डी दौर का ही हिस्सा है,Octahedron Capital और Moonstone Capital के साथ ही साथ मौजूदा निवेशकों जैसे Lightspeed Venture Partners, DST Global, GGV Capital, Altimeter Capital, और Tencent ने भी भागीदारी की।

यह बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म असल में भारत के छोटे, मध्यम और बड़े व्यवसायों के लिए कुछ बड़ी समस्याओं को हल करने का दावा करता है। ये स्टार्टअप लाइफ़स्टाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, घर और रसोई, फल और सब्जियां आदि कई कैटेगॉरी के प्रोडक्ट की पेशकश करता है।

इसका मक़सद एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर निर्माताओं, ब्रांडों, लेबल, आयातकों आदि को जोड़ भारतीय रिटेल बाजार में डिलीवरी आदि संबंधी समस्याओं को हल करने में मदद करनें का है।

इसके साथ ही ये प्लेटफ़ॉर्म रिटेल विक्रेताओं को व्यापार की शर्तों पर बातचीत करने के लिए बेचने वाले पक्ष के साथ एक विचार-विमर्श करने का भी विकल्प प्रदान करता है, ताकि उनको बेहतरीन सेवा प्रदान की जा सके।

इस बीच हम सब जानते हैं कि भारतीय व्यवसाय आमतौर पर भुगतान करने से पहले अपनी इन्वेंट्री को बेचने में भरोसा करते हैं, जिसका अर्थ है कि कोई भी रिटेलर पुराने स्टॉक को बेचने से पहले अधिक इन्वेंट्री नहीं खरीदता है।

लेकिन Udaan किसी व्यवसाय का आँकलन कर, उसकी पेमेंट और डिलीवरी आदि का हिसाब रखने में भी मदद करता है, जिससे ये ऐसे व्यवसायों के लिए और भी सुविधाजनक बन जाता है।

अपनी इन्हीं तमाम सुविधाओं की बदौलत Udaan अपने प्लेटफ़ॉर्म पर Coca Cola, PepsiCo, Boat Lifestyle, Micromax, HP, LG, ITC, HUL और P&G जैसी कई बड़ी कंपनियों को भी आकर्षित करने में सफ़ल रहा है।

आपको बता दें इसने अपने सीरीज-डी फंडिंग राउंड में अब तक $585 मिलियन तक जुटा लिए हैं और इस तरह इसके द्वारा हासिल कुल निवेश का आँकड़ा $865 मिलियन हो गया है।

इस बीच कंपनी की योजना इस निवेश का इस्तेमाल कर अपने प्लेटफॉर्म पर अधिक कैटेगॉरी को जोड़ने की है, ताकि प्लेटफ़ोर्म और भी प्रोडक्ट की पेशकश कर सके।

इसको लेकर Udaan के सह-संस्थापक, आमोद मालवीय ने कहा,

“COVID-19 ने असंगठित भारतीय रिटेल उद्योग के पहले से भी तेज़ी से डिजिटल सेवाओं के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया है और महामारी ने भारतीय अर्थव्यवस्था की इस अनूठी संरचना को सामने लाया है। हम भारत के कुछ सबसे बड़े ईकामर्स प्लेटफार्मों में से एक के रूप में पिछले 4 सालों से काम कर रहे हैं। लेकिन अब हासिल हुआ ये नया निवेश हमें देश में और भी तेज़ी से बढ़ने और अपनी सेवाओं के प्रसार में मदद करेगा, जिसमें मध्यम वर्गीय भारत के लिए किफ़ायती पेशकशों की योजना भी शामिल है।”