भारत के प्रतिस्पर्धा आयोग यानि CCI अब ने छोटे ऑनलाइन विक्रेताओं के समूह, Aiova द्वारा दायर Amazon India के खिलाफ एक नई शिकायत को लेकर और जानकारी माँगी है।

आपको बता दें ये शिकायत अगस्त में CCI ने स्वीकार की थी। इसके अनुसार अमेरिका की इस दिग्गज़ ई-कॉमर्स कंपनी पर आरोप है कि ये भारत में Cloudtail और Amazon Retail जैसे कुछ विक्रेताओं को प्लेटफ़ोर्म पर ग़लत रूप से बढ़ावा देता है, क्योंकि इन विक्रेता कंपनियों में Amazon की भी हिस्सेदारी है।

दरसल TOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ CCI ने पिछले महीने ही इस शिकायत को लेकर अतिरिक्त विवरणों की मांग की थी।

ये मुद्दा दिलचस्प इसलिए भी हो जाता है क्योंकि हाल ही में ही Amazon India और Flipkart जैसे दिग्गजों के ख़िलाफ़ भारत की सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय और रिजर्व बैंक को FDI उल्लंघन के आरोपों की जांच करने के लिए कहा है।

इस बीच इस शिकायत की बात करें तो CCI ने असल में दो चीज़ों को लेकर मुख्य रूप से जानकारी माँगी है, पहला तो ये कि असल में प्लेटफ़ोर्म पर Amazon आख़िर कैसे कुछ बड़े विक्रेताओं को लाभ पहुँचा रहा है> और दूसरी बात ये कि Amazon के ही निजी लेबल का इसके प्लेटफ़ोर्म पर अन्य विक्रेताओं के नज़रिए से कितना प्रभाव पड़ रहा है।

पिछले दो सालों में इस ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म ने अपने स्वयं के ब्रांडों के साथ अब कई प्रोडक्ट बनाने की भी शुरुआत की है, जो इसके ही प्लेटफ़ोर्म पर मौजूद अन्य थर्ड-पार्टी के प्रोडक्ट से सीधी प्रतिस्पर्धा करते हैं।

इस बीच रिपोर्ट के अनुसार एक सूत्र की मानें तो Amazon India के अधिकारियों को इस मामले पर अपना पक्ष पेश करने के लिए नियामक द्वारा समन अभी नहीं भेजा गया है।

अब उम्मीद ये की जा रही है कि नियामक की आधिकारिक जांच शुरू करने से पहले Amazon India के अधिकारियों को भी उनका पक्ष रखने के लिए बुलाया जा सकता है।

आपको बता दें CCI भी इस महीने के अंत में कर्नाटक उच्च न्यायालय से एक फैसले की उम्मीद कर रहा है, जिसके चलते Flipkart और Amazon के खिलाफ एक अलग जांच रुकी हुई है, क्योंकि अदालत ने 2020 की शुरुआत में इसको लेकर अंतरिम रोक लगा दी थी।