नए आँकड़ो के मुताबिक़ अब यह साफ़ हो गया है कि कोरोनावायरस ने भारत के स्टार्टअप फ़ंडिंग बाज़ार को भी प्रभावित किया है। दरसल पिछले साल $14.5 बिलियन का निवेश अर्जित करने वाले भारतीय स्टार्टअप जगत ने इस साल 2020 में सिर्फ़ $9.3 बिलियन का ही आँकड़ा छुआ है।

असल में कंसल्टेंसी फर्म Traxxn के अनुसार, 2016 के बाद यह पहली बार है जब भारत में स्टार्टअप्स ने एक साल में $10 बिलियन से कम की राशि जुटाई हो।

इसके साथ ही इस साल के निवेश सौदों की संख्या पिछले साल के 1,185 से घटकर 1,088 ही रह गई। वहीं $100 मिलियन से अधिक के निवेश वाले सौदों की संख्या भी पिछले साल के 26 के आँकड़े से कम होकर इस बार 20 ही रही।

वहीं $50 मिलियन से $100 मिलियन तक के सौदों की संख्या में भी गिरावट आई और ये पिछले साल के 27 के आँकड़े से लुढ़क कर 13 पर आ गए।

इस बीच आपको बता दें इन आँकड़ो में Jio द्वारा इस साल प्राप्त किए गए क़रीब $20 बिलियन के निवेश को नहीं जोड़ा गया है।

Tracxn की रिपोर्ट के अनुसार 2020 की पहली छमाही में दुनिया के दूसरे सबसे बड़े इंटरनेट बाजार में स्टार्टअप्स ने लगभग 461 सौदों में सिर्फ $4.2 बिलियन जुटाए थे। लेकिन दूसरी छमाही में बेशक उछाल देखने को मिला।

इसके साथ ही भारत चीन विवाद का भी काफ़ी असर रहा, जिसके चलते Alibaba के Ant Group आदि जैसे बड़े चीनी निवेशकों ने कुछ ही भारतीय स्टार्टअप्स में निवेश की हिम्मत दिखाई।

लेकिन ज़ाहिर तौर पर एडटेक कंपनियों को इस दौरान काफ़ी लाभ हुआ। और यही कारण था कि BYJUs की वैल्यूएशन इस साल $11 बिलियन तक पहुँच गई। इसके साथ ही Unacademy की वैल्यूएशन भी सीधे $2 बिलियन तक पहुँचने की बात कही जा रही है।

वहीं इसके साथ ही RazorPay, Unacademy, DailyHunt, और Glance जैसे 11 भारतीय स्टार्टअप्स इस साल लिस्ट में अपना नाम जोड़ते नज़र आए।

इस बीच इस साल अधिग्रहण जैसी चीज़ों में भी काफ़ी बढ़त हुई। सबसे ख़ास रहा BYJUs द्वारा किया गया WhiteHat Jr का अधिग्रहण, जो क़रीब $300 मिलियन में किया गया। इसके साथ ही Reliance ने Nedmeds और Urban Ladder का भी अधिग्रहण किया।

वहीं इस साल Zomato, Flipkart और Policybazaar जैसे स्टार्टअप ने अब आने वाले साल में IPO दायर करने का प्लान बनाया है, वहीं Paytm, Byju’s, PhonePe आदि भी 2022 तक IPO दायर कर सकते हैं।