इस बात में कोई शक नहीं है कि Reliance Jio के लॉन्च के बाद से बदले दौर में दुनिया भर में सबसे सस्ती इंटरनेट डेटा दरों वाले बाज़ार में तौर पर भारत उभरा है। और अब इसी दौर को और आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने PM WANI (PM- Wi-Fi Access Network Interface) का ऐलान किया है, जिसका मक़सद है पूरे देश में पब्लिक वाई-फाई सेवा प्रदान करना।

ख़ास यह है कि इसको लेकर ख़ुद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इसके लिए कोई लाइसेंस, चार्ज या रजिस्ट्रेशन ज़रूरी नहीं होगा।

आपको बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क की योजना को मंजूरी दे दी है। यह योजना मुख्यतः Public Data Office (PDO), Public Data Office Aggregators और App Providers आदि खिलाड़ियों के साथ पूरी होती नज़र आएगी।

कैबिनेट के अनुसार इसका मक़सद व्यापार और रोज़गार दोनों को बढ़ावा देना है। इससे जहाँ एक ओर छोटे व्यापारियों को सहूलियत मिलने का दावा किया जा रहा है, वहीं इसके ज़रिए रोज़गार के अवसर पैदा होने की भी संभावनाएँ जताई जा रहीं हैं। और अगर ऐसा होता है तो ज़ाहिर तौर पर देश की GDP पर भी इसका असर दिखाई पड़ेगा।

आपको बता दें Public Data Office (PDO) असल में WANI के संबंध में Wi-Fi Access Points को बनाने, उनकी देखरेख और संचालन का काम करेगा। साथ ही ये ग्राहकों को ब्रॉडबैंड सेवाएं भी प्रदान करेगा।

वहीं Public Data Office Aggregator (PDOA) एक एग्रीगेटर की तर्ज़ पर लेखा जोखा देखने का काम करेगा। इसके साथ ही App Provider एक ऐसी ऐप्लिकेशन को विकसित करेगा जो न सिर्फ़ उपयोगकर्ताओं को रजिस्टर करेगी बल्कि आपके आसपास के Wi-Fi हॉटस्पॉट की भी जानकारी देगी।

इसके अलावा, Central Registry असल में PDO और PDOA के विवरण को संभालने का काम करेगी। शुरू में फ़िलहाल Central Registry को Centre of Development for Telematics द्वारा संचालित किया जाएगा।

इसको लेकर TRAI के पूर्व अध्यक्ष आर एस शर्मा ने Tweet करते हुए कहा;

“इसके ज़रिए देश भर में लाखों पब्लिक वाई-फाई बनाए जाएँगे और लोगों को सस्ती दरों पर ब्रॉडबैंड की सुविधा मिलेगी। असल में यह कनेक्टिविटी सेवाओं का एक UPI स्वरूप होगा।”

आपको बता दें कैबिनेट ने कोच्चि और लक्षद्वीप द्वीप समूह के बीच सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल कनेक्टिविटी को भी मंज़ूरी दी है, जो असल में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की तर्ज़ पर ही बिछाई जाएगी।

इस बीच TeamLease Digital के Specialized Staffing प्रमुख, श्री सुनील सी. ने कहा;

“इसके लिए कई आईटी इन्फ्रा-सपोर्ट इंजीनियरों, ऐप डेवलपर्स, ऐप मेंटेनेंस इंजीनियरों की भी ज़रूरत होगी और साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स भी इसमें शामिल होंगें। तो ज़ाहिर है इससे जॉब आदि का भी शानदार अवसर पैदा होगा।”

इतना तो साफ़ है कि COVID-19 महामारी ने हमें इंटरनेट की अहमियत और समझा दी है और साथ ही इस पर काफ़ी हद तक आश्रित भी बना दिया है। ऐसे में अगर लोगों को जिनके पास 4G की सुविधा नहीं है, अपने ज़रूरी कामों के लिए हाई स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट मिल सकेगा, तो ये बेशक एक अच्छा क़दम साबित होगा।

इतना ही नहीं बल्कि देस के पब्लिक वाई-फाई क्षेत्र में भी ब्रॉडबैंड सेवाओं के प्रसार और डिजिटल भारत निर्माण के लिए भी ये पहल काफ़ी लाभकारी साबित होगी।