आपको याद होगा कि अमेरिकी प्राइवेट अंतरिक्ष कंपनी SpaceX ने इस साल की शुरुआत में अपने Dragon कैप्सूल का सफल प्रदर्शन करने के बाद अपने पहले ऑपरेशनल Dragon crew mission (Crew-1) को International Space Station (ISS) में सफलता दर्ज की है।

जी हाँ! SpaceX के इस अंतरिक्ष यान ने फ्लोरिडा में NASA के Kennedy Space Center में लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A (LC-39A) से Falcon 9 की मदद से उड़ान भरी।

एक सफल लिफ्ट-ऑफ के बाद Falcon 9 के पहले चरण के बूस्टर SpaceX के “Just Read the Instructions” ड्रोनशिप पर सुरक्षित रूप से वापस आ गए, जो अटलांटिक महासागर में तैर रहा था।

ख़ुशी की बात यह है कि अब तक अंतरिक्ष यान में कोई भी समस्या में नहीं आइ है और यह लगभग 11:00 बजे ISS के साथ ऑटोमेटिक डॉक करेगा।

आपको बता दें इस Dragon मिशन में शामिल होने वाले चारों अंतरिक्ष यात्रियों में से NASA के Mike Hopkins, Victor Glover व Shannon Walker रहे वहीं Soichi Noguchi जापान के Japan Aerospace Exploration Agency (JAXA) से शामिल रहे।

ये सभी NASA और SpaceX के Dragon Crew मिशन के तहत अंतरिक्ष स्टेशन के छह महीने के परिचालन मिशन के हिस्से के अंतरिक्ष में गए हैं।

आपको याद दिला दें कि इस साल मई में SpaceX और NASA ने अपने मानव स्पेसफ्लाइट क्षमताओं के लिए Dragon कैप्सूल का परीक्षण किया था और Demo-2 चालक दल के साथ मिशन का शुभारंभ किया था। उस अंतरिक्ष यान ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी और अंतरिक्ष यात्री Bob Behnken और Doug Hurley को सफ़लतापूर्वक ISS पहुँचाया। जिसके बाद से ही SpaceX को अंतरिक्ष यात्रियों के साथ उड़ान भरने को लेकर एक तरीक़े से प्रमाणिकता सी मिल गई थी।

Demo-2 से पहले SpaceX ने यूँ तो कई मानव स्पेसफ्लाइट क्षमताओं के परीक्षण के लिए विभिन्न तरीक़ों से मानवरहित मिशनों का संचालन किया था। वहीं उससे भी पहले Demo-1 के दौरान कंपनी ने Dragon कैप्सूल पर मैनुअल फ्लाइट कंट्रोल की भी टेस्टिंग की थी जिससे यह तय किया जाना था कि आवश्यकता होने पर मानव हस्तक्षेप बैकअप उपलब्ध होगा और चल रहा होगा या नहीं?

इस बीच यह पहला मौका है जब NASA ने 2011 में Space Shuttle Program के बाद से अमेरिकी धरती से मानव स्पेसफ्लाइट मिशन का फिर से आग़ाज़ किया हो।

और इसी महत्व को समझते हुए SpaceX ने कहा;

“अमेरिका में अब तक के सबसे सुरक्षित और बेहतर सिस्टम के साथ मानव स्पेस फ्लाइट का आग़ाज़ हुआ है। अमेरिका के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र में यह एक अहम मोड़ है, जो चंद्रमा, मंगल आदि मिशनों के लिए अब यह एक आधार तैयार करता नज़र आएगा।”