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तकनीकी दिग्गज़ अब तेज़ी से भारत की ओर रूख करने लगे हैं और इसी के सबूत के तर्ज़ पर एक और नई खबर अब सामने आई है।

दरसल ख़बर यह है Amazon Web Services (AWS) को लेकर जो भारत के तेलंगाना में ₹20,761 करोड़  का निवेश करने जा रही है। कंपनी यह निवेश देश में कई डेटा सेंटर स्थापित करने को लेकर कर रही है। और ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक़ ख़ास यह है कि इस बात की जानकारी तेलंगाना के आईटी और उद्योग मंत्री के टी रामाराव ने ख़ुद शुक्रवार को दी है।

मंत्री जी ने इस ऐलान को करते हुए कहा कि यह राज्य के इतिहास में होने वाला सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) होगा। आपको बता दें AWS असल में Amazon की ही क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म इकाई है, जो बड़े पैमाने पर क्लाउड सेवाओं की पेशकश करती है।

ज़ाहिर है तेलंगाना अपने इतिहास में सबसे बड़े एफडीआई की घोषणा को लेकर बेहद उत्साहित है, क्योंकि ये निवेश कहीं न कहीं रोज़गार के अवसरों को भी बढ़ावा देता नज़र आएगा।

AWS ने तेलंगाना में कई डेटा केंद्र स्थापित करने के लिए ₹20,761 करोड़ के निवेश को अब अंतिम रूप दे दिया है। और 2022 के मध्य तक यह पूरा कर लिया जाएगा। इस बात की जानकारी भी मंत्री जी ने ट्वीट करके दी।

मंत्री श्री रामाराव द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है AWS राज्य में तीन उपलब्धता क्षेत्रों (AZs) के साथ AWS क्षेत्र स्थापित करने के लिए निवेश कर रहा है।

आपको बता दें AZs असल में एक क्षेत्र के अंदर ही अलग-अलग स्थानों में कई डेटा केंद्रों से मिलकर बनता है। यह एक स्वतंत्र बेहतर और सुरक्षित नेटवर्क के माध्यम से कनेक्शन के साथ एक-दूसरे के संचालन को लेकर सहयोग देता है।

आपको बता दें यह बात सामने आई है कि मंत्री जी ने Davos दौरे के पहले ही AWS के कुछ अधिकारियों से मुलाकात की थी और इसी के चलते इस निवेश को लेकर तेज़ी से काम किया गया है।