अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जैसे जैसे पास आ रहें हैं, इनको लेकर रोज़ ही नई ख़बरें सामने आती जा रहीं हैं। और इस बार यह ख़बर है साइबर अटैक को लेकर। दरसल 3 नवंबर को होने जा रहे अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों से ठीक पहले रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार और वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कैम्पेन वेबसाइट क्रिप्टो साइबर हमले की शिकार हुई है।

जी हाँ! ट्रम्प की कैम्पेन वेबसाइट donaldjtrump.com में मंगलवार को थोड़ी देर के लिए यह छेड़छाड़ पाई गई। देखने पर यह किसी क्रिप्टोकरेन्सी हमले की तरह ही प्रतीत होता है, जैसा की आजकल काफ़ी देखने को मिल रहा है।

दरसल वेबसाइट पर हैक के बाद लिखे गए कुछ संदेशों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर मानों कटाक्ष सा किया जा रहा हो, असल में इसमें लिखा गया

“दुनिया में राष्ट्रपति Donald J Trump द्वारा रोज़ फैलाई गई फर्जी खबरों की भरमार है। लेकिन दुनिया सच्चाई जानने की हकदार है।”

आपको बता दें वेबसाइट को हथियाने को ‘टेकओवर शब्द के साथ मानों FBI जैसा टाइटल दिया गया, जिसमें लिखा था कि “इस साइट को जब्त किया जा रहा है।”

इस बीच Trump Campaign के प्रवक्ता Tim Murtaugh ने ट्वीट करते हुए कहा;

“आज शाम Trump Campaign वेबसाइट को हटा दिया गया था और अब हम हमले के सोर्स की जाँच के लिए कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं। लेकिन संवेदनशील डेटा के लिए यह कोई जोखिम की बात नहीं थी क्योंकि वह असल में वेबसाइट में स्टोर ही नहीं किए गये थे। इस बीच आपको बता दें वेबसाइट को वापस पहले की तरह शुरू कर दिया गया है”

इस बीच हैक की गई वेबसाइट में हैकर्स द्वारा आगे यह भी लिखा गया कि;

“कई टूल्स हाथ लगे हैं, जो ट्रम्प और उनके रिश्तेदारों तक पूरी तरह से पहुंच प्रदान करते हैं।”

इस बीच आगे हैकर्स ने संदेश में यह भी कहा कि उनके हाथ कई ख़ुफ़िया और आंतरिक बातचीत के सबूत लगें हैं, जिससे यह पता चलता है कि कोरोनोवायरस महामारी के पीछे ट्रम्प सरकार का भी हाथ हैं।

इस बीच हैकर्स ने अपने इन संदेशों को FBI और न्याय विभाग की मुहरों के साथ पेश किया, ज़ाहिर है जिससे वह लोगों को असली सी लगें। साथ ही इन संदेशों में Monero के दो पते भी लिखे थे, जिसमें लोगों को डिजिटल करेन्सी एक अकाउंट में भेजने का अनुरोध भी किया गया।

इससे यह साफ़ हो गया कि यह असल में एक क्रिप्टोकरेंसी घोटाले के लिए किया गया हैक है। असल में Monero एक क्रिप्टोकरेंसी है जिसे ट्रैक करना मुश्किल है लेकिन ट्रांसफर करना उतना ही आसान।

donaldjtrump.com नामक इस वेबसाइट को हैकर्स ने शाम 4 बजे से पहले ही हैक किया था। इस बीच हैकर्स क़रीब एक घंटे तक इसको हैक किए रहने में सफ़ल रहे। लेकिन अब तक यह पता नहीं चल सका है कि इसके पीछे आख़िर किसका हाथ है और क्या हैकर्स डोनर डेटा जैसी किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी को भी हासिल करना चाहते थे?

बता दें यह कोई पहली बार नहीं है जब राष्ट्रपति से संबंधित वेबसाइट या अकाउंट को क्रिप्टोकरेन्सी घोटालों के लिए हैक किया गया हो। दरसल हाल ही में ही ट्रम्प सहित तमाम बड़ी हस्तियों के Twitter अकाउंट को हैक कर एक हैकर ने ऐसे ही डिजिटल करेन्सी भेजने का अनुरोध किया था।