Reliance Retail और Future Group के बीच हुए डील को लेकर सिंगापुर की अदालत से अपने हक़ में फ़ैसला पाने के बाद Amazon को शायद थोड़ा सुकून मिला हो। लेकिन अब देश की दिग्गज़ कंपनी Reliance ने इस फ़ैसले को लेकर बचाव करते उए कहा कि यह सौदा भारतीय कानून के तहत ही किया गया है और इसको हम बिना किसी देरी के जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश करेंगें।

दरसल इस मुद्दे पर आज Reliance ने एक बयान जारी करते हुए कहा;

“RRVL को Future Group के साथ हुए समझौते के तहत Amazon द्वारा दायर मध्यस्थता की कार्यवाही को लेकर सिंगापुर की अदालत द्वारा दिए गए अंतरिम आदेश की सूचना मिली है। RRVL ने उचित कानूनी सलाह के तहत ही Future Retail Ltd की संपत्ति और व्यवसाय का अधिग्रहण करने का फ़ैसला किया है और भारतीय कानून के तहत ही यह डील की गई है।”

आपको बता दें इस साल की शुरुआत में ही Reliance Retail Ventures Ltd. (RRVL) ने भारत की दूसरी सबसे बड़ी खुदरा कंपनी Future Group में $3.4 बिलियन में अधिकतम हिस्सेदारी हासिल करने का ऐलान किया था। इस डील के अनुसार RRVL असल में  Future Group के रिटेल, होलसेल, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग बिज़नेस पर कंट्रोल हासिल करेगा। लेकिन यह डील अमेरिकी ई-कॉमर्स दिग्गज Amazon को रस नहीं आया।

दरसल Future Group के प्रमोटर Future Coupon में 49% हिस्सेदारी रखने वाली Amazon के पास Future Group में कथित रूप से किसी भी शेयर की खरीद को माना करने का पहला अधिकार है। और इसके तहत कथित रूप से Amazon का कहना है कि Future Group इसके प्रतिद्वंदी को हिस्सेदारी नहीं बेच सकता। और इन्हीं शर्तों का हवाला देते हुए Amazon ने RRVL और Future Group की डील में ऐतराज जताया। और ई-कॉमर्स दिग्गज़ ने इसी के चलते Future Group को हाल ही में एक क़ानूनी नोटिस भी भेजा था।

और अब सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर में Reliance-Future Group की इस डील के खिलाफ मध्यस्थता दायर करने को लेकर Amazon की दायर याचिका को लेकर अंतरिम आदेश जारी किया है। और इस फ़ैसले के तहत सिंगापुर की अदालत ने अब इस डील पर फ़िलहाल रोक लगाने के आदेश दे दिए हैं।

इसको लेकर Amazon के एक प्रवक्ता ने कहा,

“हम कोर्ट के फ़ैसले का स्वागत करते हैं। हम इस आदेश के लिए उनके आभारी हैं जो सभी तौर पर राहत प्रदान करते हुए हमारी माँग को सुनता नज़र आता है। हम इस मध्यस्थता प्रक्रिया के तहत जल्द से जल्द इस मसले को हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

लेकिन सबसे दिलचस्प रहा इस फ़ैसले को लेकर RRVL का जवाब, जिसमें एक अधिकारिक प्रेस रिलीज़ जारी करते हुए Reliance ने कहा;

“यह डील को लेकर हमनें सभी भारतीय क़ानूनों का पालन किया है, और इसलिए हम इस डील को जल्द से जल्द तय समय में पूरा करेंगें।”

यह कानूनी लड़ाई इसलिए भी दिलचस्प हो जाती है क्योंकि भारत में Amazon को टक्कर देने के लिए अब Reliance भी ई-कॉमर्स क्षेत्र में तेज़ी से प्रवेश कर रहा है। और हाल ही में ही Reliance Retail में रिकॉर्ड तोड़ निवेश हासिल किया है।

और इस निवेश और अपने आक्रामक रूख के चलते अब Reliance Retail कहीं ना कहीं Amazon और Flipkart जैसे पुराने दिग्गजों को कादी चुनौती देता नज़र आ सकता है और खुदरा और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए सिरदर्द बन सकता है।

इस बीच Amazon और RRVL के बीच यह लड़ाई कहाँ तक जाएगी यह तो वक़्त ही बताएगा, लेकिन इस बीच खबर यह भी है Amazon अब Reliance Retail के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इसमें बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने की फ़िराक़ में है और इसी के चलते यह लड़ाई आगे और भी दिलचस्प मोड़ ले सकती है।