Reliance Jio और Facebook के बीच हुए सौदे के बाद से ही दोनों कंपनियों के बीच डेटा शेयरिंग को लेकर  तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रहीं थी। लेकिन अब Facebook ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) को आश्वासन दिया कि Jio Platforms में उसके निवेश सौदे के संबंध में केवल ईकॉमर्स लेन-देन की सुविधा को लेकर “सीमित डेटा” का आदान-प्रदान होगा।

ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ ख़ुद CCIने मंगलवार को सार्वजनिक रूप से इसकी जानकारी दी। इस बीच CCI ने दोनों पक्षों को चेतावनी दी है कि भविष्य में डेटा शेयरिंग के परिणामस्वरूप प्रतिस्पर्धा या विरोधी को लेकर गालत आचरण पर नियामक द्वारा क़दम उठाए जा सकतें हैं।

आपको बता दें CCI ने जून में Reliance Industries Ltd के मालिकाना हक़ वाली Jio Platforms में Facebook की इकाई Jaadhu द्वारा 9.99% हिस्सेदारी ₹43,574 करोड़ में ख़रीदने संबंधी डील को मंज़ूरी दे दी थी। इसके साथ ही Facebook की इस इकाई ने CCI को बताया कि दोनों कंपनी एक-दूसरे के डेटा का आदान प्रदान नहीं करेंगी।

दिलचस्प रूप से इस डील कि व्यावसायिक व्यवस्था के अनुसार Facebook के मालिकाना हक़ वाले WhatsApp और Reliance Retail Ventures की इकाई JioMart और Jio Platforms के बीच “सीमित डेटा” का आदान प्रदान होगा।

इस बीच Facebook की इकाई ने कहा है कि या सौदे का मक़सद डेटा शेयरिंग है ही नहीं और इसका पूरा उद्देश्य JioMart पर ईकॉमर्स लेनदेन की सुविधा के संबंध में है।

ज़ाहिर है यह इसलिए दिलचस्प हो जाता है कि एक कंपनी दुनिया और भारत में सबसे अधिक लोकप्रिय सोशल मीडिया कंपनी है, जिसके पास तमाम उपयोगकर्ताओं का कई तरह का डेटा है और दूसरी कंपनी भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी, जिसके पास देश में ही 400 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ता होने की बात कही जाती है।

इस बीच CCI ने इस बात पर भी ग़ौर किया है कि Facebook प्लेटफ़ॉर्म दुनिया भर में ऑनलाइन विज्ञापन के मामले में दूसरे स्थान पर है और ऑनलाइन डिस्प्ले विज्ञापन सेवाओं को लेकर यह उपयोगकर्ताओं को बड़े पैमाने पर प्रभावित करने की क्षमता रखता है।

ज़ाहिर है कि एक टेलीकॉम के साथ ही साथ JioMart जैसे ऑनलाइन कॉमर्स प्लेटफ़ोर्म के भी प्रमुखता से डील में शामिल होने की वजह से लोगों का शक और गहरा रहा है, कि कहीं न कहीं Facebook और Jio लोगों के डेटा का लाभ लेकर अपने व्यवसाय को चमकाने की कोशिश तो नहीं करेंगें?

और इन्हीं सारी संभावनाओं को देखते हुए CCI ने कहा’

“भविष्य में दोनों कंपनियों के बीच किसी भी डेटा शेयरिंग के परिणामस्वरूप होने वाली ग़ैरक़ानूनी विरोधी-प्रतिस्पर्धी आचरण के विरुद्ध गतिविधि को लेकर आयोग द्वारा धारा 3 और/या 4 के तहत संबंधित मामलों में कार्यवाई की जा सकती है।”

“इस संबंध में, Facebook की इकाई ने कहा है कि प्रस्तावित लेनदेन के हिस्से के रूप में व्यापाक डेटा शेयरिंग को लेकर कोई समझौता नहीं हुआ है।”

इसी तमाम पहलुओं को देखते हुए CCI ने बताया कि यह माना जा रहा है कि किसी भी तरह से ग़लत रूप से डेटा शेयरिंग को बढ़ावा नहीं मिलेगा और इसलिए आयोग अधिनियम की धारा 31(1) के तहत प्रस्तावित डील को मंजूरी दे रहा है।

आपको बता दें Facebook सही General Atlantic, Sliver Lake और KKR जैसे तमाम बड़े निवेशकों ने कुछ ही महीनों में Jio Platforms में भारी रिकॉर्ड निवेश किया था। इन निवेशकों ने कंपनी में कुल मिला कर ₹1.52 लाख करोड़ से अधिक का निवेश किया है।