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कुछ दिनों पहले ही ये साफ़ हो गया था कि अमेरिका की सरकार अब TikTok की अमेरिकी कंपनी के साथ लगभग तय हो चुकी एक डील का समर्थन करेगी और अब इसी दिशा में एक और खबर आई है। दरसल अमेरिकी संघीय अदालत ने कहा है कि TikTok पर प्रतिबंध सोमवार से प्रभावी नहीं होगा।

इसके बाद से अब पहले के अपने निर्णय में राष्ट्रपति ट्रम्प की सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को लागू न करते हुए अब अमेरिकियों के लिए इस ऐप के उपयोग की अनुमति जारी रहेगी। इसके साथ ही अदालत प्रतिबंध की वैधता पर भी विचार कर रही है कि क्या वाक़ई ऐप राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है जैसा कि ट्रम्प प्रशासन का दावा है?

आपको याद दिला देन अगस्त की शुरुआत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दो कार्यकारी आदेशों को पास करते हुए इस लोकप्रिय वीडियो शेयरिंग ऐप को बंद करने की धमकी दी है और कहा था कि वह तय समयसीमा के अंदर अपना अमेरिकी संचालन किसी अमेरिकी कंपनी को बेच दे।

दरसल अमेरिका के इस आदेश के पीछे आधार यह बताया गया था कि बीजिंग आधारित ByteDance के मालिकाना हक़ वाली TikTok अमेरिकी उपयोगकर्ताओं के डेटा को चीनी सरकार के साथ साझा करती है। और यह आरोप इसलिए भी और गम्भीर बन जाते हैं क्योंकि अमेरिका में 100 मिलियन उपयोगकर्ता TikTok उपयोगकर्ता हैं।

इस आदेश के बाद TikTok ने पहली बार अमेरिकी प्रशासन के खिलाफ 18 सितंबर को मुकदमा दायर किया था, और इसमें कंपनी ने अपील की थी कि बीते रविवार रात से प्रतिबंध के आदेशों को रोका जाए।

लेकिन इसके बाद शुक्रवार को सरकार ने अदालत से इस प्रस्ताव को बंद करने की माँग की थी। जिसके बाद एक सार्वजनिक सुनवाई रविवार सुबह को की गई थी। इस मामले की सुनवाई DC District Court में जज Carl J. Nichols की अध्यक्षता में हुई।

इस बीच रविवार को अपने फैसले में अदालत ने दोनों विरोधी पक्षों द्वारा निजी तौर पर सौंपे गए औपचारिक राय के आधार पर अपना निर्णय दिया। इसके साथ ही सरकार के प्रस्ताव में शामिल संवेदनशील कोंटेंट के कारण, दोनो पार्टियों को सोमवार तक अंतिम राय प्रकाशित होने से पहले कोई भी परिवर्तन करने के लिए कहने के लिए है।

दरसल पिछले ही हफ़्ते Oracle और ByteDance के बीच तय हुई एक डील को लेकर ट्रम्प से अपनी रज़ामंदी ज़ाहिर की थी और इसके बाद ही से यह लगभग तय हो गया है कि अब TikTok का अमेरिका मेन भविष्य Oracle के साथ ही नज़र आ सकता है।

ज़ाहिर है इसके पहले राष्ट्रपति ट्रम्प ने ही अपने एक कार्यकारी आदेश में ऐप द्वारा अमेरिकी नागरिकों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम संबंधी मुद्दों को उठाया था। दरसल यह आरोप लगभग वैसे ही थे, जिनके आधार पर भारत में TikTok को बैन किया गया है।

लेकिन आपको शायद याद हो कि इस बीच अमेरिकी सरकार ने WeChat को भी बैन करने के आदेश दिए थे, और जिसके बाद WeChat उपयोगकर्ताओं के एक समूह ने कोर्ट मेन कहा कि WeChat पर बैन अभिव्यक्ति की आज़ादी को हमला है। लेकिन इतना साफ़ कर दें कि TikTok ने एक अलग मुक़दमे के तहत सीधा सरकार की मंशा को लेकर ही सवाल उठाए थे।