इस बात में कोई शक नहीं है कि पिछले कुछ साल में भारत के लगातार डिजिटल इंश्योरेंस बाज़ार तेज वृद्धि दर्ज करता जा रहा है और अब इसी कड़ी में Amazon समर्थित Acko ने भी अब अपने सीरीज़-डी निवेश दौर में $60 मिलियन जुटाने का ऐलान किया है।

आपको बता दें इस दौर का नेतृत्व जर्मनी आधारित Munich Re Ventures ने किया था, जिसके साथ RPS Ventures, Intact Ventures और Amazon ने भी भागीदारी की।

इस तरह से अब तक Acko कुल $200 मिलियन का निवेश हासिल कर चुका है और महज़ 4 साल पुराने इस स्टार्टअप ने अपनी वैल्यूएशन भी क़रीब आधे बिलियन डॉलर तक पहुँचा दी है।

आपको बता दें Acko के अनुसार इस निवेश का इस्तेमाल कंपनी अपनी तकनीक और डेटा टीमों को कम से कम 30% से 40% तक बढ़ाने के लिए करेगी। इसके अलावा इस निवेश का एक बड़ा हिस्सा कंपनी की ब्रांडिंग के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा। और ज़ाहिर है कि कंपनी इसके साथ और अधिक ग्राहकों तक पहुंचने के प्रयास करती नज़र आएगी, ख़ासकर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाक़ों में।

Acko असल में हर एक भारतीय को बीमा प्रदान करने के लक्ष्य को लिए आगे बढ़ रहा है, और वह भी ऐसे वक़्त में जब अधिकांश देशवासी फ़िलहाल अपने ख़र्चों को लेकर ही संघर्ष करते नज़र आ रहें हैं।

लेकिन इतना ज़रूर है कि Acko अपने उपभोक्ता पेशकश के साथ और सरल इंटरफ़ेस के ज़रिए बीमा प्रक्रिया को सरल बनाने और उस दिशा में काम करते हुए लगातार आगे बढ़ रहा है।

इस बीच यह भी संभावनाएँ जताई जा रहीं हैं कि इस नए निवेश के ज़रिए बची हुई शेष राशि का उपयोग कंपनी वित्त बीमा आदि जैसी पेशकशों के लिए कर सकती है। आपको बता दें भारत के नियामक नियम बीमा स्टार्टअप को जोखिमों को कम करने के लिए बाध्य करते हैं।

इस बीच Acko में आप मुख्य रूप से 3 प्रकार के बीमा खरीद सकते हैं: “कार और टैक्सी,” “बाइक,” और “स्वास्थ्य।” कंपनी अविश्वसनीय रूप से कम प्रीमियम (बिना बिचौलिया के) लोगों को ये तीनों सुविधाएँ मुहैया करवा रही है और एक डिजिटल ऐप के साथ बिना ज़्यादा कागजी कार्रवाई की आवश्यकता के लोगों को भी इसकी सेवाएँ काफ़ी लुभा रहीं हैं। इसके साथ ही ग्राहकों की सहायता के मोर्चे पर भी कंपनी खरी उतरती नज़र आती है और आप सिर्फ़ एक कॉल के ज़रिए ऑनलाइन क्लेम और कैशलेस क्लेम सेटलमेंट जैसी चीज़ों का लाभ उठा सकतें हैं।

आपको बता दें इस स्टार्टअप ने अब तक Amazon, Ola, MakeMyTrip, Redbus, Oyo, Zomato, और अन्य कई कंपनियों के साथ भी भागीदारी की है।

और अब Acko को इस क्षेत्र में एक अनुभवी खिलाड़ी के रूप में देखा जाने लगा है और वह ज़रूरी भी है, क्योंकि अब Acko के लिए भी प्रतिस्पर्धा कड़ी होती जा रही है, क्योंकि Paytm आदि जैसे बड़े नामों के भी इस क्षेत्र में प्रवेश करने से कंपनी को बेशक चुनौती मिलती नज़र आएगी।