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देश के दो सबसे बड़े दूरसंचार ऑपरेटरों Vodafone और Idea ने आख़िरकार अपने विलय को एक नया रूप देते हुए भारत में सबसे बड़ी दूरसंचार ऑपरेटर बनने के लक्ष्य के साथ एक एकल इकाई का ऐलान कर दिया है। जी हाँ! अब Vodafone Idea को Vi के रूप में जाना जाएगा।

सही सुना आपने, अब यह ब्रिटिश Vodafone Group के भारतीय बिज़नेस और भारतीय Idea Cellular देश के भीतर ‘Vi’ नाम से बिज़नेस करेंगे।

आपको याद दिला दें इन दोनों कंपनियों ने तेज़ी से बढ़ रही Reliance Jio को टक्कर देने के मक़सद से 2017 में विलय करते हुए एकल इकाई Vodafone Idea का गठन किया था।

कभी देश में 400 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ताओं के साथ देश के सबसे बड़े दूरसंचार ऑपरेटर के रूप में जाने जाने वाले Vodafone ने Jio के आने के बाद ही क़रीब 100 मिलियन से अधिक ग्राहक खो दिए थे। और तभी Idea को भी यह एहसास हुआ था कि वह शायद ही अकेले इन तमाम बड़े टेलीकॉम ऑपरेटरों का मुक़ाबला कर सके। और इसी के चलते इन दोनों कंपनियों ने हाथ मिलाया और नई इकाई का गठन किया, जिसको आज फिर से नई ब्रांडिंग दी गई है।

लेकिन Vodafone और Idea के साथ आने के 3 सालों बाद भी यह कंपनी शुरू से ही लाभ कमाने के लिए संघर्ष करती नज़र आती रही और अभी भी इसकी हालात बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती। इसके साथ ही अगर इसी दौरान कंपनी पर बिलियन डॉलर के AGR के बकाया को देखा जाए तो कंपनी की हालात और भी ख़स्ता नज़र आती है।

अलाम यह है कि कंपनी यह भी कह चुकी है कि अगर सरकार ने आगे आकार कंपनी की मदद नहीं की तो इसको देश में अपना कारोबार बंद भी करना पड़ सकता है।

दरसल इसके बाद COVID-19 के चलते बने हालातों और संभावानाओं एक साथ ही साथ बकाया को देने के लिए मिले 10 वर्ष की समय सीमाए के चलते Vodafone ने अपने संचालन को चलाए रखने का फ़ैसला किया है और इसलिए अब कंपनी ने Vi नाम से नई शुरूआत की है। इसके साथ ही अब कंपनी वायरलेस 4G तकनीक में निवेश करती नज़र आएगी और साथ ही इसने शेयरधारकों से $3.4 बिलियन की हिस्सेदारी बेचने और क़र्ज़ की राशि जुटाने की मंजूरी भी हासिल कर ली है।