Reliance Industries Ltd (RIL) एक बार फिर से फ़ंडिंग को लेकर तैयारियों में है। जी हाँ! दरसल ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक़ Reliance Industires ने Jio Platforms के अपने सभी 13 वित्तीय और रणनीतिक निवेशकों को Reliance Retail Ventures Ltd (RRVL) इकाई में निवेश करने के विकल्प की पेशकश की है।

आपको बता दें इन निवेशकों में Facebook, Google, KKR, Silver Lake और TPG जैसे कुछ बड़े नाम भी शामिल हैं। याद दिला दें इन सभी निवेशकों ने मिलकर Reliance की डिजिटल इकाई, Jio Platforms में संयुक्त रूप से 33% हिस्सेदारी ख़रीद कर कुल ₹1.52 ट्रिलियन का निवेश किया था।

दरसल Reliance ने साफ़ कर दिया है कि वह भारत के रिटेल क्षेत्र में आक्रामक ढंग से अपनी पैंठ बनाने की कोशिशें करने जा रहा है।

और भले भारत के ब्रांड रिटेलिंग में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) पर रोक हो, लेकिन रणनीतिक और वित्तीय निवेशको से RIL अपने इस रिटेल बिजनेस के लिए निवेश हासिल कर सकती है।

दरसल RIL अब अपने Retails बिज़नेस में भी सीधे तौर पर Facebook और Google जैसे टेक दिग्गजों को शामिल करते हुए भारत के ऑनलाइन रिटेल बाज़ार में Walmart और Amazon को कड़ी टक्कर देने के फ़िराक़ में है।

और यह इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि कोरोवायरस महामारी ने रिटेल स्टोरों में आपूर्ति चेन और बिक्री आदि को बुरी तरह से प्रभावित किया है।

गुरुवार को Financial Times की एक रिपोर्ट में यह बताया गया था कि निजी इक्विटी फर्म Silver Lake $57 बिलियन की वैल्यूएशन पर 10% के बदले Reliance Retail Ltd (RRL) में क़रीब $1 बिलियन का निवेश करने के लिए बातचीत कर रही है।

इससे पहले Silver Lake भारत में Jio Platforms में $1.34 बिलियन का निवेश कर 2.08% हिस्सेदारी हासिल कर चुकी है।

दरसल RIL भारत में Reliance Retail Ltd और Reliance Brands की होल्डिंग कंपनी Reliance Retail Ventures के ज़रिए रिटेल कारोबार का संचालन करती है। साथ यह कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के साथ संयुक्त रूप से भी संचालन करती है।

वहीं एक और रिपोर्ट में JP Morgan ने कहा कि अगर RIL की वैल्यूएशन $57 बिलियनहै और इसमें JioMart भी शामिल है, तो यह हमारी वैल्यूएशन से मेल नहीं खाएगा। असल में JP Morgan ने रिपोर्ट के हवाले से RIL और JioMart की वैल्यूएशन को $65 बिलियन आंका था।

लेकिन यह काफ़ी दिलचस्प इसलिए भी है क्योंकि इस ख़रीद फ़रोख़्त में कहीं ना कहीं RIL वित्तीय और रणनीतिक निवेशकों को शामिल कर वैश्विक खुदरा विक्रेताओं और ई-कॉमर्स कंपनियों, जो वर्तमान में भारत में RIL के साथ प्रतिस्पर्धा करती नज़र आ रहीं है, उन्हें कड़ी टक्कर देने की कोशिश करेगा और ऐसे में वैल्यूएशन आदि को सही ढंग से आंक पाना शायद थोड़ा मुश्किल हो।