HSBC Global Research ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato की वैल्यूएशन को $5 बिलियन तक आँका है। दिलचस्प यह है कि यह वैल्यूएशन Zomato के पिछले फंडिंग राउंड के दौरान दर्ज की गई वैल्यूएशन से काफी ज्यादा है।

दरसल ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार इस ब्रोकरेज फर्म ने हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट में बताया कि Zomato का सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाले शेयरधारक Info Edge आगामी 3 से 4 सालों में इस गुरुग्राम स्थित कंपनी में $2 बिलियन तक जोड़ सकता है।

इस रिपोर्ट में आगे कहा गया कि COVID-19 महामारी के चलते कम ऑफ़र पेशकश आदि की वजह से Zomato तेज़ी से मुनाफे की ओर बढ़ रहा है। लेकिन इतना ज़रूर साफ़ कर दें कि यह HSBC का महज़ अनुमान है न कि Zomato की असल वैल्यूएशन।

आपको याद दिला दें जनवरी में चीन की Ant Financial से फ़ंडिंग हासिल करने वाली फ़ूड डिलीवरी स्टार्टअप, Zomato की वैल्यूएशन तब $3 बिलियन थी। लेकिन इसके आगे चीन की दिग्गज़ कंपनी Alibaba की इस निवेश फ़र्म से Zomato ने कोई फ़ंडिंग हासिल नहीं की, और इसकी वजह थी अप्रैल से भारत में चीनी निवेशकों पर नियंत्रण लगाने के लिए बने नए FDI नियम।

लेकिन इसी बीच फरवरी में Swiggy ने जब अपने सबसे हालिया निवेश में $156 मिलियन का निवेश हासिल किया था, तब Zomato के इस प्रमुख प्रतिद्वंदी की वैल्यूएशन $3.6 बिलियन थी।

वहीं Zomato की मानें तो कंपनी का साफ़ कहना है कि वह किसी वैल्यूएशन आदि के आँकड़ो से बहुत अधिक वास्ता नहीं रखते। कंपनी असल में एक लंबे लक्ष्य के साथ आने वाले 100 वर्षों के लिए तैयार हो रही है।

वहीं पिछले हफ्ते ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ Zomato में क़रीब 25% हिस्सेदारी रखने वाले Ant Group ने बताया था कि भारत में विदेशी निवेश नियमों में बदलाव के चलते इसके अतिरिक्त निवेश के समय वैल्यूएशन और अधिक होगी।

इस बीच आपको बता दें जून में ही Info Edge ने बताया था कि Zomato द्वारा इसके मौजूदा निवेश Ant Group से मिले ताजे $150 मिलियन के निवेश से कंपनी को अभी भी $100 मिलियन हासिल नहीं हुए हैं। और वजह साफ़ है, नए भारतीय FDI नियम।

वहीं कुछ रिपोर्ट्स की माने तो Zomato न्यूयॉर्क के Tiger Global और मौजूदा निवेशक सिंगापुर आधारित Temasek से नए फंडों को लेकर बातचीत कर रहा है।

इस बीच Zomato को लेकर HSBC की रिपोर्ट में कुछ चुनौतियों का भी ज़िक्र किया गया है, जिसमें Info Edge के संभावित रूप से कमजोर पड़ने, भारतीय बाजार के कम लाभप्रद होने, और चीन के साथ ख़राब होते संबंधों को शामिल किया गया है।

ज़ाहिर है COVID-19 के प्रकोप के चलते भी पिछले काफ़ी समय से ऑनलाइन फ़ूड ऑर्डरिंग व्यवसाय पर काफ़ी मार पड़ी है। लेकिन हाल ही में Zomato के द्वारा साझा किए गये आँकड़ो के अनुसार, कंपनी ने ऑर्डर वोल्यूम के लिहाज़ से COVID-19 के पहले ए हालातों की तुलना में 80% तक वापसी दर्ज कर ली है।