इस बात में कोई शक नहीं है कि UPI पेमेंट सिस्टम ने देश के भीतर डिजिटल पेमेंट की तस्वीर बदल कर रख दी है। और अब नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने RuPay और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को अन्य देशों में भी ले जाने के मक़सद से एक सहायक इकाई की स्थापना की है।

NPCI International Payments (NIPL) नामक यह इकाई अन्य देशों को अपने घरेलू नेटवर्क विकसित करने और फिर सीमा पार से पेमेंट सुविधा को सक्षम बनाने में सहयोग देगी।

NPCI के अनुसार कई राष्ट्रों ने भारत की इस पेमेंट तकनीक से प्रभावित होकर अपने देश में भी ऐसा ही रियल टाइम पेमेंट सिस्टम बनाने का मन ज़ाहिर किया है।

आपको बता दें चीन के पास पहले से ही अपना घरेलू नेटवर्क UnionPay है, जिसे अब वह एक वैश्विक नेटवर्क में विस्तारित करने का भी काम कर रहा है। इसी की तरह जापान के पास भी अपना JCB नेटवर्क है, जिसे 190 देशों में स्वीकार किया जाता है।

दरसल रूस के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बाद VISA और Mastercard के विकल्प की आवश्यकता अन्य देशों द्वारा अधिक महसूस की जाने लगी है।

इस बीच आपको बता दें NPCI ने रितेश शुक्ला को NIPL का सीईओ नियुक्त किया है। इस नई भूमिका में वह व्यावसायिक रणनीति तैयार करने, प्रमुख व्यावसायिक विकास और ड्राइविंग के तहत NPCI की मौजूदा तकनीक को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में तैनात करने की ज़िम्मेदारी निभाते नज़र आएँगें।

आपको बता दें रितेश NPCI में शामिल होने से पहले मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका (MENA) में Mastercard के बिज़नेस का अहम हिस्सा थे।

दरसल ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक़, NPCI के एमडी और सीईओ दिलीप अस्बे के कहा कि NPCI के लिए यह के लिए गर्व की बात है कि एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व जैसे क्षेत्रों में कई देशों ने हमारे पेमेंट मॉडल की नकल करने के प्रति रुचि ज़ाहिर की है। इस बीच इतना तो तय है कि यह क़दम Atmanirbhar Bharat को ओर भी देश को मज़बूती प्रदान करेगा।

वहीं NPCI के इस क़दम से भारतीय यात्रियों को भी घरेलू भुगतान चैनल का लाभ दूसरे देशों में भी उठाने में मदद मिलेगी। इस बीच NPCI अपने इस प्रयास के माध्यम से डिजिटल भुगतान नेटवर्क को लेकर अन्य देशों की मदद करेगा और उन्हें संसाधनों के साथ-साथ तकनीकी सुविधा भी प्रदान करता नज़र आएगा।