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साल 2020 भले दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को झटका देता नज़र आ रहा हो, लेकिन एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी के लिए यह साल भारत के डिजिटल क्षेत्र में उनके वर्चस्व को बढ़ता जा रहा है।

जहाँ एक तरह Reliance के मालिकाना हक़ वाली Jio Platforms ने रिकॉर्ड फ़ंडिंग हासिल कर सबको चौंका दिया। वहीं अब देश के रिटेल और ई-कॉमर्स क्षेत्र में भी इसकी रिटेल आर्म Reliance Retail Ventures Limited ने तेज़ी से रूख कर लिया है

और इसी कड़ी में अब RRVL ने 620 करोड़ रुपए में ऑनलाइन फ़ार्मेसी Netmeds में बहुमत हिस्सेदारी ख़रीदने का ऐलान कर दिया है। दरसल इस डील के तहत अब Reliance के बाद Netmeds की पैरेंट कंपनी Vitalic Health Pvt. Ltd. में 60% की हिस्सेदारी हो गई है। आपको बता दें Vitalic असल में Tresara और Dadha Pharma प्लेटफ़ोर्म पर भी मालिकाना हक़ रखता है।

इस निवेश के ज़रिए RRVL ने इक्विटी शेयर के लिहाज़ से Vitalic Health Pvt. Ltd. में 60% की हिस्सेदारी और अपनी सहायक कंपनियों में 100% प्रत्यक्ष इक्विटी स्वामित्व हासिल किया है, जिसमें Tresara Health Private Limited, Netmeds Market Place Limited और Dadha Pharma Distribution Pvt Limited शामिल हैं।

आपक बता दें इस डील के तहत इन सभी कंपनियों की कुल वैल्यूएशन $134 मिलियन आँकी गई और इसमें Reliance Retail को भविष्य में 100% Vitalic का मालिक होने का विकल्प भी मिला।

इस बीच RRVL की निदेशक ईशा अंबानी ने कहा,

“यह निवेश भारत में सभी के लिए डिजिटल पहुंच प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है”

ज़ाहिर है इस डील के तहत कंपनी का लक्ष्य Netmeds के ज़रिए Reliance Retail (JioMart) को विस्तार में सीधी मदद प्रदान करने का है। दरसल अब Reliance दुनिया के दूसरे सबसे बड़े इंटरनेट बाजार में Alibaba की तर्ज़ पर अपनी भी उपस्थिति बनाना चाहता है।

आगे ईशा अंबानी ने कहा;

“Netmeds अब Reliance Retail में अच्छी गुणवत्ता प्रदान करने की क्षमता को और बढ़ाएगा है और साथ ही सस्ती स्वास्थ्य सेवाएँ, प्रोडक्ट आदि जैसी उपभोक्ताओं की अधिकांश दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करता नज़र आएगा। Netmeds की काम समय में राष्ट्रीय स्तर पर सफ़लता से हम काफ़ी प्रभावित हैं, और हमें उम्मीद है कि यह निवेश Netmeds की यात्रा में और तेज़ी लाएगा।”

इस डील के साथ ही Reliance Retail के ग्राहकों को अब बीमारियों के लिए 70,000 से अधिक दवाओं तक पहुंच प्राप्त होगी और साथ ही स्वास्थ्य और व्यक्तिगत देखभाल के लिए हजारों पर्चे के बिना मिल सकने वालीं सुविधाओं का भी लाभ उठाने का मौक़ा मिलेगा।

आपको बता दें Netmeds फ़िलहाल 670 से अधिक शहरों और कस्बों में उपस्थिति रखने का दावा करता है और 20,000 से अधिक पिन कोडों के साथ तेज़ी से इस क्षेत्र में विस्तार करने की योजना बना रहा है।

कंपनी खुद को भारत के ऑनलाइन फ़ार्मेसी बाज़ार में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने में कामयाब रही है, और अब तक 5.7 मिलियन से अधिक ग्राहकों को अपनी सेवायें प्रदान कर चुकी है।

इस बीच इस डील पर Netmeds के संस्थापक और सीईओ प्रदीप दाधा ने कहा,

“कंपनी की डिजिटल, रिटेल और टेक प्लेटफॉर्म की संयुक्त ताकत के साथ हम उपभोक्ताओं को एक बेहतर अनुभव प्रदान करते हुए इस ईकोसिस्टम में सभी के लिए अधिक मूल्यवान साबित होने के प्रयास करेंगें।”

भारत ने ऑनलाइन फार्मेसी इंडस्ट्री में काफ़ी तेज विकास किया है, जो COVID के चलते और भी अधिक तेज हो गया है। और शायद यही कारण है कि Amazon जैसी कंपनी भी भारत में इस क्षेत्र से दूर नहीं रह सकी और कंपनी ने भी अपना Amazon Pharmacy प्लेतफ़ोर्म लॉन्च कर दिया है।

इसके साथ ही अब Medlife और PharmEasy के विलय से जुड़ी ख़बरें भी सामने आ रहीं हैं और रिपोर्ट के मुताबिक़ अगर ऐसा होता है तो इसकी कुल वैल्यूएशन क़रीब $1.2 बिलियन तक हो सकती है।