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TikTok इस वक़्त किन्ही न किन्ही वजहों से रोज़ ही अमेरिका में सुर्ख़ियाँ बटोर रहा है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दो अलग-अलग कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं।

इनके तहत अब अमेरिका के अधिकार क्षेत्र के भीतर किसी भी व्यक्ति या संस्था को क्रमशः ByteDance या WeChat के साथ किसी भी तरीक़ा का लेनदेन करने से बैन कर दिया गया है। ख़ास बात यह है कि इस आदेश के तहत ना सिर्फ़ TikTok पर बल्कि पूरे ByteDance पर ही इस बैन का असर होगा, लेकिन WeChat के केस में ऐसा नहीं है, इसमें इसकी पैरेंट कंपनी Tencent Holding को बैन नहीं किया गया है।

ज़ाहिर है इस बैन के पीछे वजह बताई गई कि ये चीनी कंपनियां कथित रूप से उपयोगकर्ता की गोपनीयता संबंधी नियमों का उल्लंघन करते हुए चीन की सरकार को उपयोगकर्ता डेटा भेजती हैं, जो अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा साबित हो सकता है। आपको बता दें यह दोनों आदेश National Emergencies Act और International Emergency Economic Powers Act के अधिकारों के तहत जारी किए गये हैं।

दरसल इन आदेशों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा,

“People’s Republic of China (China) में कंपनियों द्वारा विकसित और इनके मालिकाना हक़ वाली मोबाइल ऐप्स अमेरिका में राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और अमेरिका की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बन गई है।”

इस बीच यह साफ़ करना बेहद ज़रूरी है कि सरकार ने आदेश में शामिल ‘लेन-देन’ शब्द को अब तक स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं किया गया है, लेकिन उम्मीद है कि ट्रम्प सरकार जल्द ही इसको लेकर अधिक स्पष्ट निर्देश जारी करेगी।

वहीं कार्यकारी आदेश के अनुसार आदेश जारी होने की तिथि से 45 दिनों के बाद ये आदेश प्रभावी हो जाएगा, और WeChat और TikTok की पैरेंट कंपनियों के साथ किसी भी लेनदेन को बैन कर दिया जाएगा। मतलब साफ़ है कि जो भी अमेरिकी कंपनियाँ इन ऐप्स का अधिग्रहण करना चाहती हैं, उनको 45 दिनों के भीतर ही यह करना होगा। बता दें अभी तक सिर्फ़ Microsoft ही एक ऐसी कंपनी है, जिसने खुलकर TikTok को ख़रीदने की इच्छा जताई है।

जी हाँ! Microsoft पहले से ही TikTok के साथ अधिग्रहण को लेकर बातचीत कर रहा है। ख़बरों की मानें तो कंपनी अमेरिका के साथ ही साथ कनाडा, ऑस्ट्रेलिया आदि कुछ बाजारों के लिए भी यह बातचीत कर रही है, जिसमें भारत के शामिल होने की भी ख़बरें सामने आई हैं।

आपको याद दिला दें कि भारत ने हाल ही में ही 59 चीनी ऐप और इनके ही कुछ Lite ऐप्स को भी देश में बैन कर दिया है, जिनमें TikTok भी शामिल है। इस बैन से पहले भारत चीन के बाहर TikTok का सबसे बड़ा बाज़ार थे। और अब इसके बाद अमेरिका ने वह जगह ले ली है, लेकिन अब अमेरिका में भी TikTok के लिए साफ़ साफ़ बैन के आदेश जारी कर दिए गये हैं, जिससे बचने का एक ही तरीक़ा की यह किसी अमेरिकी कंपनी के मालिकाना हक़ के तहत आ जाए।

इस बीच आपको बता दें कि अपने इन आदेशों में ट्रम्प ने सार्वजनिक रूप से चीन को लेकर अपनी घृणा ज़ाहिर की, ख़ासकर हाल ही में हुए COVID-19 संबंधी मुद्दे पर चीन का जैसा रूख रहा, उससे देशों के बीच रिश्ते और ख़राब हो गये।

ट्रम्प पहले भी खुले तौर पर चीन को इस वैश्विक महामारी संकट के लिए जिम्मेदार ठहराते रहें हैं और इसको लेकर दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बरक़रार है। और कई लोगों का मानना है कि TikTok को लेकर यह सख़्त रूख भी अमेरिका की चीन के प्रति बढ़ती नाराज़गी का ही नातीज़ा है।

ज़ाहिर है TikTok भी बार बार चीनी सरकार से डेटा साझा करने जैसे आरोपों को खारिच करता रहा है। वहीं अब Tencent के मालिकाना हक़ वाल WeChat भी अमेरिका के रडार पर प्रमुखता से आ गया है।

दरसल अमेरिका में भी रहने वाले अधिकतर चीनी मूल के लोगों द्वारा WeChat का काफ़ी इस्तेमाल किया जाता है, और ऐसे में यह शंका जताई जा रहीं हैं कि चीनी सरकार इसका उपयोग अमेरिका में चीनी लोगों के साथ मिलकर प्रचार आदि में करने के लिए कर सकती है।

ट्रम्प ने इसको लेकर भी लिखा;

“TikTok की तरह WeChat भी अपने उपयोगकर्ताओं से जानकारी को स्वचालित रूप से हासिल करता है। यह डेटा चीनी सरकार को अमेरिकियों की व्यक्तिगत और मालिकाना जानकारी तक पहुंच प्रदान करता है। ऐप मुख्य रूप से अमेरिका आने वाले चीनी नागरिकों की व्यक्तिगत और मालिकाना जानकारी को भी ट्रैक करता है, जिससे चीनी सरकार अपने नागरिकों पर नज़र रखने आदि के लिए इस्तेमाल कर सकती है, जो एक मुक्त समाज की परिकल्पना के खिलाफ है।”

आपको बता दें इस आदेश से सिर्फ़ WeChat पर ही बैन लगाया जाएगा लेकिन इससे Tencent के बाक़ी गेमिंग टाइटल जैसे League of Legends और Fortnite आदि प्रभावित नहीं होंगें।