जब COVID-19 का प्रकोप शिखर पर था, ऐसे वक़्त में भी क़रीब $20 बिलियन की रिकॉर्ड फ़ंडिंग हासिल करने वाला Jio Platforms लगता है अभी भी अपनी अन्य सह-कंपनियों के साथ इस सिलसले को जारी रखेगा।

जी हाँ! दरसल इस दिशा में LiveMint के हवाले से अब एक ख़बर यह आई है कि Qatar Investment Authority (QIA) जल्द ही Reliance JioFiber में $1.5 बिलियन का निवेश करता नज़र आ सकता है। वैसे आपको बता दें JioFiber पूरे भारत में Reliance Jio के फाइबर केबल ब्रॉडबैंड इंटरनेट नेटवर्क का काम संभालता है।

आपको बता दें रिपोर्ट के अनुसार दोनों पक्ष बातचीत के स्तर पर हैं। QIA असल में $ 1.5 बिलियन का यह निवेश Infrastructure Investment Trust (InvIT) में करता नज़र आ सकता है, यह वो कंपनी है जो फाइबर-ऑप्टिक संपत्तियाँ संभालती है।

वैसे आपको अब तक अंदाज़ा लग ही गया होगा कि JioFiber में किया जा सकने वाला यह निवेश अप्रत्यक्ष रूप से Jio Platforms को ही मज़बूत करेगा। असल में Jio Platforms जहाँ वायरलेस कनेक्टिविटी और डिजिटल प्रोडक्ट आदि को संभालता है, वहीं JioFiber ग्राउंड सपोर्ट कैवेलरी के रूप में कार्य करता है, जो पूरे भारत में एक विस्तृत कवरेज योग्य फाइबर नेटवर्क बिछा रहा है।

पिछले साल मार्च में Reliance ने अपनी टेलीकॉम बिजनेस इकाइयों में से प्रत्येक में व्यक्तिगत निवेश उठाने की रणनीति बनाई थी। और दूरसंचार सहायक Reliance Jio Infocomm ने अपने फाइबर और टॉवर कारोबार को Jio Digital Fiber Pvt और Reliance Jio Infratel Pvt. Ltd. के नाम पर अलग अलग कर दिया था, लेकिन Reliance Jio Infocomm अभी भी इन कंपनियों की स्पॉन्सर बनी हुई है।

वहीं Mint के हवाले से आइ ख़बरों के अनुसार Reliance Jio Infocomm अभी भी क़रीब 15% हिस्सेदारी को संजोते हुए InvIT में स्पॉन्सर बनी रह सकती है। लेकिन बाक़ी का 85% QIA सहित अन्य वैश्विक निवेशकों को बेचा जा सकता है।

आपको बता दें JioFiber में पहले से ही बड़ी संख्या में भारतीय शहरों में अपनी मौजूदगी दर्ज करवा चुका है और हाई स्पीड इंटरनेट के साथ इसने टियर II / III शहरों तक पहुंचने की दिशा में भी सराहनीय काम किया है।

अब तक कंपनी क़रीब देश भर में 700,000 किलोमीटर लंबी फ़ाइबर लाइनें बिछा चुकी है और जल्द ही इस आँकड़े को यह 1.1 मिलियन किलोमीटर तक ले जाने का लक्ष्य लिए चल रही है। JioFiber सभी प्रकार के ग्राहकों के लिए प्लान की पेशकश करता है, जिसमें 1 Gbps तक की स्पीड वाले प्लान भी हैं।

वैसे QIA के लिए भी निवेश के लिहाज़ से इससे बेहतर समय नहीं हो सकता, क्योंकि भारत ने हाल ही में नियमों में ढील देते हुए देश के बुनियादी ढाँचे आदि में निवेश को लेकर टैक्स में भी छूट प्रदान की है।

इसके साथ ही QIA इस निवेश के ज़रिए सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी के साथ जुड़ जाएगा जो आने वाले समय में ई-कॉमर्स से लेकर 5G और मिक्स रियलिटी गेमिंग से लेकर शिक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में तेज़ी से आगे बढ़ती नज़र आएगी।