Amazon ने अब यह ऐलान किया है कि भारत-आधारित MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) ने कंपनी के द्वारा की गई वैश्विक मंच की पेशकश के ज़रिए निर्यात में $2 बिलियन का आँकड़ा पार कर लिया है।

आपको याद दिला दें Amazon ने 2015 में देश में अपना बेहद लोकप्रिय ‘Global Selling’ प्रोग्राम शुरू किया था। इस पहल के साथ कंपनी का उद्देश्य भारत आधारित MSMEs को अन्य देशों में उत्पादों को निर्यात करने की सहूलियत प्रदान करना है।

ख़ास बात यह है कि इन सालों Amazon के इस प्रोग्राम को एक बड़ी सफलता मिली है, और Amazon India ने अब तक इस प्रोग्राम के तहत 60,000 से अधिक कंपनियों को वैश्विक स्तर पर 15 Amazon वेबसाइटों के माध्यम से अपने उत्पादों का निर्यात करने की सुविधा प्रदान की है। इनमें यूएसए, यूके, यूएई, कनाडा, मैक्सिको, जर्मनी, इटली, फ्रांस, स्पेन, नीदरलैंड, तुर्की, ब्राजील, जापान, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर जैसे देश शामिल हैं।

2019 में इस प्रोग्राम से जुड़े क़रीब 800 से अधिक भारतीय MSMEs ने व्यक्तिगत रूप से ई-कॉमर्स की बिक्री में क़रीब ₹1 करोड़ का आँकड़ा छू लिया था।

दरसल COVID-19 के कारण लोग घर के अंदर रहने को मजबूर हैं, जिसकी वजह से दैनिक उपयोग की चीज़ों की ऑनलाइन माँग में काफ़ी वृधि हुई है। और इसके चलते ई-कॉमर्स साइटों की मदद से बड़े ब्रांडों और कंपनियों से लेकर छोटे व्यवसायों और MSMEs तक को इसका फ़ायदा हुआ है।

Amazon India Seller Services के उपाध्यक्ष, गोपाल पिल्लई ने कहा;

“पिछले तीन-चार महीनों में जब दुनिया भर में लॉकडाउन और सप्लाई चेन तमाम व्यवधान का सामना कर रही है, ऐसे में हमने हजारों छोटे व्यवसायों को वैश्विक स्तर पर ग्राहकों से जुड़ने का मौक़ा दिया है।”

“Amazon के GSP के ज़रिए स्थानीय लोगों को वैश्विक स्तर तक पहुँच प्राप्त करने में मदद मिली है। ख़ासकर ऐसे कठिन समय में हमारे छोटे व्यवसायों और राष्ट्र के लिए यह काफ़ी अहम सहूलियत है। हमें भारतीय MSMEs की क्षमताओं का अंदाज़ा है और इसलिए हम लगातार निर्यात को आसान बनाने के लिए कई क़दम उठा रहें हैं।”

दरसल इस साल के शुरु में अमेज़ॅन ने 2025 तक भारत के उत्पादों के कुल निर्यात को $10 बिलियन तक ले जाने का दावा किया था। और आपको बता दें इस $2 बिलियन के आँकड़े तक पहुँचनें के लिए कंपनी को 4 साल लग गए। और इसलिए अब आगे के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी क्या रणनीति बनाएगी, यह देखना काफ़ी दिलचस्प होगा।

इस बीच Amazon India के वीपी और प्रमुख, अमित अग्रवाल ने कहा;

“GSP घरेलू ब्रांडों को वैश्विक स्तर पर ले जाने में मदद करता है और MSMEs को वैश्विक ब्रांड बनने का भी अवसर प्रदान करता है। अब इस प्रोग्राम में काफ़ी तेजी देखी जा रही है। इसने $1 बिलियन के निर्यात को छूने में तीन साल का वक़्त लिया था और अब सिर्फ़ 18 महीनों में ही इसने अगले $1 बिलियन के आँकड़े को छू लिया।”

हाल ही में Amazon India ने छोटे व्यवसायों की मदद करने के लिए बहुत कुछ पहल शुरू की हैं। इसने छोटे व्यवसायों को ऑनलाइन जाने या कहें तो उनके डिजिटलीकरण में काफ़ी मदद की है। Amazon अपने प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से तीसरे पक्ष के विक्रेताओं को बढ़ने में मदद करने के लिए इस साल $15 बिलियन से अधिक का निवेश करना चाहता है।

Amazon, Small Business के उपाध्यक्ष, Nicholas Denissen ने कहा;

“हम देश भर में छोटे व्यवसायों को पहले की तरह खुशहाल देखना चाहते हैं। हम उन्हें ऑनलाइन बिक्री के ज़रिए शक्ति प्रदान करने की कोशिश कर रहीं हैं, ताकि वह नए ग्राहकों तक पहुंच कर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें।”