कंपनियों की राजस्व संबंधी रिपोर्ट्स सामने आनें लगी हैं और COVID-19 के चलते बने हालातों के बीच लोगों की नज़र इनपर काफ़ी पड़ रही है। और इसी कड़ी में अब Infosys ने भी चालू वित्तवर्ष से जुड़ी राजस्व रिपोर्ट पेश की है और ख़ास यह है कि इसमें कंपनी ने 0.2% की वृद्धि दर्ज की है। ज़ाहिर है Infosys हाल में कुछ बड़े सौदे हासिल कर सकी है और शायद इसी के चलते अब भारत की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी COVID-19 के प्रभाव को हराती नज़र आ रही है।

दिलचस्प यह है कि जून तक में तीन महीने के प्रदर्शन की बात की जाए तो Infosys ने अपने बड़े प्रतिद्वंद्वी Tata Consultancy Services (TCS) को भी पछाड़ दिया है।

दरसल बेंगलुरू मुख्यालय वाली इस कंपनी ने मुनाफे में 11.5% की वृद्धि के साथ ₹4,233 करोड़ की वृद्धि दर्ज की, वहीं तिमाही में राजस्व 8.5% बढ़कर ₹23,655 करोड़ हो गया है।

अगर बात डॉलर में राजस्व की करें तो विदेशी मुद्रा के उतार-चढ़ाव से अलग यह राजस्व 1.5% बढ़कर ₹3.12 बिलियन हो गया। यह शायद आपको उतना दिलचस्प ना लग रहा हो, लेकिन जब आप इसी की प्रतिद्वंदी कंपनी TCS पर नज़र डालेंगें तो आपको ये आँकड़े और भी बेहतर लगने लगेंगें।

आपको बता दें TCS ने हाल ही में कहा था कि अमेरिका और यूरोप के मुख्य बाजारों में COVID-19 महामारी के कारण पैदा हुए हालातों के चलते वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही में इसका राजस्व 6.3% घटकर ₹5.06 बिलियन रह गया है।

जानकारों की मानें तो Infosys के राजस्व में 4-5% की गिरावट की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन अब के प्रदर्शन को देखते हुए ऐसा लगता है कि Infosys आने वाले तिमाहियों में भी TCS को पछाड़ती नज़र आएगी।

वहीं BSE पर बुधवार को Infosys का स्टॉक 6.16% बढ़कर ₹831.45 पर बंद हुआ। परिणाम बाजार के कुछ घंटे के बाद घोषित किए गए थे। वैसे आईटी कंपनियों के शेयरों में बुधवार को तेजी रही और NIFTY IT Index  5% चढ़ गया।

आपको बता दें Infosys ने हाल ही में यह बताया था कि उसने GlobalFoundries और FE Credit जैसे क्लाइंट के साथ $1.74 बिलियन से अधिक की डील साइन की है।

इतना ही नहीं, बल्कि मंगलवार को इसने Vanguard के कॉर्पोरेट रिटायरमेंट प्लान यूनिट को आधुनिक बनाने के लिए, इस अमेरिकी निवेश प्रबंधन कंपनी वंके साथ एक बड़ी डील साइन की है।