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आज किए कुछ अहम ऐलानों में Google ने यह भी बताया कि भारत में शिक्षा क्षेत्र में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इसने भारतीय सरकारी संस्था CBSE के साथ साझेदारी की है।

इसके ज़रिए Google दुनिया के दूसरे सबसे बड़े इंटरनेट बाजार में 22,000 से अधिक स्कूलों में “मिश्रित शिक्षण अनुभव” देने की कोशिश करेगा।

दरसल कंपनी ने आगामी पांच से सात सालों में भारत में $10 बिलियन का निवेश करने की योजना की भी घोषणा की है। लेकिन इसके साथ ही Google ने यह भी कहा कि कंपनी इस साल भारत में 1 मिलियन से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित करेगी और साथ ही कुछ मुफ्त टूल की पेशकश भी करेगी, जिसमें G-Suite for Education, Google Classroom, और YouTube शामिल हैं।

ग़ौर करेंगें तो यह असल में इस काम के लिए एकदम सही वक़्त भी है, क्योंकि COVID-19 के चलते दुनिया भर की तरह भारत में भी स्कूलों को बंद कर दिया गया है और इसकी वजह से डिजिटल लर्निंग के क्षेत्र में एक नाटकीय बढ़त देखी गई है।

वहीं Google की मानें तो कंपनी को भारत की शिक्षा प्रणाली में तीन चुनौतियों दिखाई देती हैं, पहली भारतीय भाषाओं में डिजिटल कांटेंट की गुणवत्ता, दूसरी डिजिटल लर्निंग टूल्स को अपनाने में कमी और तीसरी डिवाइस और इंटरनेट तक पहुंच का अभाव।

दरसल Google India और दक्षिण पूर्व एशिया की वरिष्ठ मार्केटिंग डायरेक्टर सपना चड्ढा ने कहा पर कहा कि;

“देश में सभी को इंटरनेट तक पहुंच प्राप्त नहीं है और इस बात को हमें स्वीकार करना होगा। कंपनी बतायी गई चुनौतियों का सामना करने और उन छात्रों तक पहुंचने के लिए काम कर रही है, जिनके पास टीवी और रेडियो और अन्य माध्यमों का उपयोग करके इंटरनेट तक पहुंच हासिल नहीं है।”

आगे उन्होंने यह भी बताया कि हाल के महीनों में Google ने भारत के कई स्कूलों Podar, Kendriya Vidyalaya, Nehru World,  और GD Goenka आदि को Google Meet और Google Classroom जैसे मुफ्त शिक्षा टूल्स प्रदान किए हैं।

इतना ही नहीं बल्कि कंपनी ने भारत में इस दिशा में एक नींव रखने वाले Kaivalya Education Foundation (KEF को $1 मिलियन का एक नया अनुदान देने की भी घोषणा की, जो अवसरों से वंचित बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए भागीदारों के साथ काम करता है।

साथ ही सपना चड्ढा ने कहा,

”इन फंडों का इस्तेमाल करते हुए Kaivalya Education Foundation (KEF) असल में Central Square Foundation और TeacherApp के साथ मिलकर 700,000 शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का काम करेगा, ताकि वंचित छात्रों को वर्चुअल शिक्षा दी जा सके और वह घर से ही पढ़ाई जारी रख सकें।”

आपको बता दें इस कंपनी ने Bolo ऐप भी पेश की है, जो पिछले साल भारत में लॉन्च की गई थी। यह ऐप छात्रों को पढ़ने और समझने की कला विकसित करने में मदद करती है। और कंपनी इसके ज़रिए Read Along ब्रांड का नौ भाषाओं में 180 देशों में विस्तार कर रही है।