भारत में डिजिटल पेमेंट को अपनाने की प्रक्रिया कितनी तेज़ी से सफ़ल हो रही है, वह यह नई ख़बर बख़ूबी बताती है। दरसल इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने अपनी एक कई रिपोर्ट के ज़रिए भारतीय बैंकों को यह बताया है कि सभी चैनलों में भारत के डिजिटल भुगतान के वॉल्यूम में पिछले वित्त वर्ष में 46% की  बढ़त दर्ज की गई है, और इसमें रिकॉर्ड मात्रा में 45.72 बिलियन लेनदेन भी शामिल हैं।

लेकिन इन सबमें सबसे दिलचस्प बात यह है कि इन वॉल्यूम के आँकड़ो ने MeitY के ख़ुद के वित्त वर्ष 2020 को लेकर लिए क़रीब 40.19 बिलियन के लेनदेन के अनुमान के आँकड़े को पीछे छोड़ दिया है।

MeitY के अनुसार निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले वित्तवर्ष 2020 में लगभग 4572 करोड़ का लेनदेन दर्ज किए गये, और ज़ाहिर तौर पर वर्ष दर वर्ष वृद्धि 45.88% रही।

आपको बता दें इनमें भारतीय बैंकों और नेशनल पेमेंट्स कॉर्प ऑफ इंडिया, जैसे यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), कार्ड ट्रांजैक्शन, आधार इनेबल्ड पेमेंट्स (AePS) और वॉलेट ट्रांजैक्शंस आदि जैसे सभी डिजिटल चैनलों पर किए गये लेनदेन शामिल हैं।

आँकड़ो के अनुसार निजी क्षेत्र के बैंकों में ICICI Bank, HDFC Bank, Yes Bank, IndusInd Bank और Fino भुगतान के डिजिटलीकरण को सक्षम करने वाले बैंकों के रूप में सबसे आगे रहे। आपको बता दें इन बैंकों को विभिन्न मैट्रिक्स पर जैसे कि व्यापारियों की ऑन-बोर्डिंग और UPI लेनदेन आदि पर मासिक आधार पर MeiY द्वारा स्कोर दिया जाता है।

और इन्ही पैमानों पर ICICI बैंक ने MeitY स्कोरकार्ड के आधार से अन्य 56 बैंकों में से सबसे अधिक 100 में से 83 अंक प्राप्त किए, जिसके बाद HDFC रहा जिसने 80 का स्कोर किया। साथ ही SBI के नेतृत्व वाला Yes Bank 79 का स्कोर कर तीसरे स्थान पर नज़र आया।

ख़ास यह है कि अधिकांश सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अपने निजी क्षेत्र के बैंक साथियों की तुलना में ‘औसतन’ या ‘ख़राब’ प्रदर्शन करते नज़र आए। केवल Bank of Maharashtra, State Bank of India, Bank of Baroda, Indian Bank और Oriental Bank of Commerce ने ही MeitY के स्कोरकार्ड के हिसाब से ‘अच्छा’ प्रदर्शन किया।

वहीं बात करें Union Bank, Bandhan Bank, India Post और Deutsche Bank की तो यह सब लिस्ट में ‘खराब’ प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहे। साथ ही बात करें Paytm Payment Bank की तो यह 65 के स्कोर के साथ 17 वें स्थान पर आया, जो देखा जाए तो मंत्रालय के स्कोरकार्ड के मुताबिक़ ‘अच्छा’ स्कोर है।

अगर पिछले साल के कुछ रिकॉर्ड की बात करें तो वित्तीय वर्ष 18 में MeitY ने 25 बिलियन लेनदेन का लक्ष्य दिया था, जो बाद में वित्तवर्ष 2019 के लिए 30.13 बिलियन और वित्त वर्ष 20 के लिए 40.19 बिलियन हो गया।

लेकिन अब देखना यह दिलचस्प होता कि वित्तवर्ष 21 के लिए MeitY द्वारा सार्वजनिक रूप से इस संदर्भ में दिए जाने वाले अनुमानित लक्ष्य के आँकड़े क्या होंगें।