देश के नामी EdTech प्लेटफॉर्म Byju’s की पैरेंट कंपनी Think and Learn ने WhiteHat Jr के अधिग्रहण के लिए ऑल-कैश डील के तहत $300 के ऑफ़र की पेशकश की है।

ज़ाहिर है यह ऑफ़र कंपनी ने ऐसे वक़्त में पेश किया है जब हाल ही में ही इस बेंगलुरु आधारित डेकाकॉर्न स्टार्टअप ने नया फंडिंग राउंड क्लोज़ किया है। आपको बता दें इसने सिलिकॉन वैली आधारित निवेशक Mary Meeker से यह फ़ंड हासिल किया था।

लेकिन दिलचस्प यह है कि यह ख़बर ऐसे वक़्त में आयी है जब WhiteHat Jr ने नए फ़ंडिंग राउंड में $50 मिलियन तक जुटाने के लिए पहले से ही बाजार दाँव पेश कर दिया है और ख़बरों की मानें तो कंपनी ने कई बड़े उद्योगपतियों और निजी इक्विटी फर्मों के साथ बातचीत की हुई है, जिसमें Sequoia Capital, Tiger Global, Steadview Capital, GIC और Multiples Alternate Asset Management जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

तमाम रिपोर्ट्स आती की मानें तो यह स्टार्टअप $350 मिलियन की वैल्यूएशन पर निवेशकों द्वारा यह फ़ंडिंग हासिल करना चाहता है।

Discovery Networks India के पूर्व CEO, कारण बजाज द्वारा 2018 में शुरू किया गया WhiteHat Jr असल में कक्षा-12 तक के बच्चों को कोडिंग आदि सीखने की सहूलियत प्रदान करता है। इतना ही नहीं बल्कि यह बच्चों को उनके कमर्शियल गेमिंग ऐप निर्माण, एनिमेशन ऐप आदि बनाने में भी उनकी मदद करता है।

ख़ास यह है कि इस स्टार्टअप ने एक ख़ुद का कोडिंग पाठ्यक्रम विकसित किया है, जो प्रोडक्ट निर्माण पर ही केंद्रित है, और लाइव, इंटरैक्टिव ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से सीखनें की सुविधा देता है।

साथ ही आपको बता दें BYJUS ने दो साल पुराने लर्निंग ऐप Doubtnut के अधिग्रहण का भी मन बनाया है, ईटी की रिपोर्ट के अनुसार यह अधिग्रहण भी ऑल-कैश डील के तहत क़रीब $150 मिलियन तक में हो सकता है।

BJYUS जिसकी फ़िलहाल वैल्यूएशन क़रीब $10.5 बिलियन बतायी जाती है फ़िलहाल भारतीय बाज़ार में डिजिटल लर्निंग का दूसरा नाम बन चुका है और इसलिए शायद अब यह डिजिटल लर्निंग क्षेत्र में किसी भी नए आईडिया को अपनी कंपनी तले ही लानें का पूरा प्रयास करना चाहता है।

आपको बता दें WhiteHat Jr ने आख़िरी बार 2019 के अंत में सिलिकॉन वैOwl Ventures, Omidyar Network और Nexus Venture Partners से सीरीज़ ए राउंड में $11 मिलियन से अधिक की रक़म हासिल की की थी।

और एक बात यह है भी है कि BYJUS और WhiteHat Jr दोनों ही Owl Ventures को अपने निवेशकों की लिस्ट में शुमार किए हुए हैं।

COVID-19 महामारी से बने हालतों ने असल में भारत में डिजिटल लर्निंग में नाटकीय बढ़त दर्ज करवाई है और इसलिए अब इस क्षेत्र में कार्यरत हर कंपनी इस मौक़े को हर तरीक़े से इस्तेमाल करना चाहती है।