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जैसे ही हमें लगता है कि अब शायद Reliance Jio की फ़ंडिंग का सिलसिला थोड़ा थम जाएगा, वैसे ही Jio Platforms एक नए निवेश को हासिल करके हम सभी को ग़लत साबित कर देता है।

सही समझे आप! एक बार फिर से Reliance के मालिकाना हक़ वाला Jio Platforms सुर्ख़ियों में है और वजह भी एक बार फिर से वही है, फ़ंडिंग।

दरसल एक नए निवेश की तर्ज़ पर Jio Platforms ने इस बार Intel Capital को अपने निवेशकों की लिस्ट में जोड़ते हुए ₹1,894.50 करोड़ का निवेश हासिल करने का ऐलान किया है। आपको बता दें Intel Capital ने इस निवेश के ज़रिए Jio Platforms में 0.39% इक्विटी हिस्सेदारी ख़रीदने में सफ़लता प्राप्त की है।

जी हाँ! इस अमेरिकी चिपमेकर Intel Capital ने यह ऐलान किया है कि वह Jio Platforms में 0.39% हिस्सेदारी हासिल करने जा रहा है और यह निवेश Jio Platforms की ₹5.16 लाख करोड़ बिलियन की वैल्यूएशन पर किया जा रहा है।

Jio Platforms द्वारा अब Intel को भी निवेशकों की लिस्ट में शुमार करने के बाद अब Reliance के मालिकाना हक़ वाली इस टेलीकॉम दिग्गज़ कंपनी ने अब तक कुल $15.5 बिलियन का निवेश हासिल कर लिया है। और दिलचस्प यह है कि यह सभी निवेश कंपनी को तब मिले जब दुनिया भर में COVID-19 महामारी अपने चरम पर भी और कंपनी ने क़रीब क़रीब 60 दिनों के भीतर ही निवेश हासिल करने के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए।

एक बार फिर से आपको बताना चाहेंगें कि अब तक Jio में General Atlantic, Silver Lake (दो बार), Vista Equity Partners, KKR, Mubadala, ADIA, TPG और L Catterton सहित Facebook भी निवेश कर चुका है।

और इनमें सबसे महत्वपूर्ण था Facebook का निवेश जिसमें Jio Platforms में 9.99% हिस्सेदारी के बदले इस सोशल मीडिया दिग्गज़ ने ₹43,574 करोड़ का निवेश किया था।

लेकिन सबसे ख़ास बात यह है कि Intel का यह निवेश Jio Platforms के 5G तकनीक को ध्यान में रखते हुए किया गया है। यहाँ तक कि Jio Platforms ने आज जारी एक प्रेस रिलीज़ में कहा;

“Intel Capital क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और 5G जैसे तकनीकी क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए Jio के विकास के लिए इनोवेशन और पूँजी के लिहाज़ से समर्थन देने जा रही है।”

वहीं इस बीच एशिया के सबसे अमीर आदमी हैं और Jio की पैरेंट कंपनी Reliance Industries के चेयरमैन, मुकेश अंबानी ने कहा;

“Intel असल मायनों में एक इंडस्ट्री लीडर है, जो दुनिया को बदलने वाली तकनीक और इनोवेशन को बनाने की दिशा में काम कर रहा है। Intel Capital का विश्व स्तर पर बेहतरीन तकनीकी कंपनियों के लिए एक मूल्यवान भागीदारी का शानदार रिकॉर्ड है।”

दरसल Intel का निवेश इसलिए भी अहम है, क्योंकि कंपनी फ़िलहाल अपने ही देश कि AMD के बाज़ार में उतरने से थोड़ी संघर्ष करती नज़र आ रही है।

यह ज़रूर है कि Intel के चिप अभी भी कम्प्यूटर बाजार के अधिकांश हिस्सेदारी रखते हैं, लेकिन धीरे-धीरे  ही सही अब AMD की लहर चलने लगी है। यहाँ तक की कभी Intel के अहम भागीदारों में शुमार Apple ने भी अब अपने नए MacBook के लिए AMD का रूख किया है।