भारतीय प्लेटफ़ोर्म की बात करें तो सबसे ऊपर ShareChat का ही नाम आता है, इसका तेज़ी से बढ़ा उपयोगकर्ता आधार इसकी लोकप्रियता का प्रणाम देता है।

और ज़ाहिर है कि भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए 59 चीनी ऐप्स पर बैन लगाने के बाद, ऐसे भारतीय सोशल मीडिया प्लेटफ़ोर्म की माँग और बढ़ गई।

ShareChat के दावों के मुताबिक़ कंपनी ने हर घंटे प्लेटफ़ोर्म के 5 लाख डाउनलोड दर्ज किए हैं, और बैन की घोषणा के बाद से 15 मिलियन से अधिक डाउनलोड का आँकड़ा पार कर लिया है।

ShareChat के COO और सह-संस्थापक, फ़रीद अहसन ने इस विषय में कहा,

“जिस तरह से लोगों ने और भी तेज़ी से ShareChat को सर्च करना शुरू किया है, उसको लेकर हम काफ़ी उत्साहित हैं, और ज़ाहिर है कि अब लोग इस भारतीय सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को और पसंद कर रहे हैं। हम हमेशा ही सभी के निरंतर साथ के लिए उनके आभारी हैं और यही कोशिश करेंगें कि भारतीय सोशल मीडिया क्षेत्र में एक अग्रणी रूप से उभर कर सामने आ सकें।”

“इतना ही नहीं, बल्कि हमें यह भी यक़ीन है कि मौजूदा वक़्त ShareChat के लिए एक और नई सफलता की नींव रखता नज़र आएगा”

आपको बता दें बैन के बाद से ही इस प्लेटफ़ोर्म में सरकार के फ़ैसले के समर्थन में क़रीब 1 लाख से अधिक पोस्ट देखे गये। साथ ही WhatsApp पर आधे मिलियन से अधिक शेयरों के साथ, इन पोस्टों को 1 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ताओं द्वारा लाइक किया गया था।

दिलचस्प बात यह है कि ShareChat ने MyGov India के भी ShareChat में शामिल होने की घोषणा की है। इसके साथ अब MyGov India इस प्लेटफॉर्म पर 15 भारतीय भाषाओं में 60 मिलियन से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं के साथ सीधा जुड़ने का लाभ ले पाएगा।

ज़ाहिर है देश में एक नई इंटरनेट क्रांति की अगुवाई करने वाले के रूप में ShareChat के नाम का भी ज़िक्र आता रहा है। इसकी गवाही इसके आँकड़े भी साफ़ तौर पर देते हैं, जिनकी मानें तो 1 बिलियन से अधिक मासिक WhatsApp शेयरों के साथ, आज औसत उपयोगकर्ता प्लेटफॉर्म पर रोजाना 25 मिनट से अधिक समय बिता रहें हैं।

साथ ही नए आँकड़ो की बात करें तो ShareChat का दावा है कि इसके पास 150+ मिलियन रेजिस्टर्ड उपयोगकर्ता हैं, और 15 भारतीय भाषाओं में 60 मिलियन मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता भी।

और ईटी के ज़रिए सामनें आयी एक रिपोर्ट की मानें तो ShareChat के लिए उपयोगकर्ताओं के साथ साथ निवेश में भी बढ़त देखी जा सकती है। जी हाँ! कंपनी अपने SAIF Partners, Lightspeed Venture Partners और Twitter से लगभग $200 मिलियन जुटाने को लेकर चर्चा कर रही है।

ज़ाहिर है इसके प्रमुख प्रतिद्वंदी Helo के बैन होने के बाद अब ShareChat के लिए एक बेहद ख़ास मौक़ा है जब वह देश में अपनी पहुँच का और व्यापक विस्तार कर सकता है।

आपको याद दिला दें भारत के बाजार में प्रवेश के तुरंत बाद ही Helo पर ShareChat ने कॉपीराइट उल्लंघन का मुकदमा भी दायर किया था।

और इतना ही नहीं पिछले कुछ महीनों से ShareChat ऐप ग्रूप्स और कम्यूनिटी को लेकर एक और इक्स्पेरिमेंट कर रहा है और Helo के फ़िलहाल देश में सक्रिय ना होने पर, कंपनी के पास इन सभी योजनाओं के लिए एक सुनहरा वक़्त है।

दरसल रिपोर्ट्स की मानें तो ShareChat भी अब तक चीनी ऐप TikTok और Likee की तर्ज़ पर शॉर्ट-वीडियो ऐप स्पेस में प्रवेश करने की योजना बना रहा है।