हाल ही में एक देश की आर्थिक स्थिति के बारे में सबको पता है, बल्कि देश ही क्यों, पूरी दुनिया का ही हाल इस वक़्त काफ़ी बुरा है।

लेकिन देश की बात की जाए तो मौजूदा हालतों की वजह से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में से एक भारतीय स्टार्टअप क्षेत्र की है। और अब हालात यहाँ तक आ पहुँचें हैं कि ईटी में छपी एक नई रिपोर्ट के मुताबिक़ देश में 38% से अधिक स्टार्टअप्स के पास अब संचालन जारी रखने के लिए पैसे ही नहीं बचें हैं।

जी हाँ! स्टार्टअप्स और छोटे व मध्यम एंटरप्राइजेज का लगभग 38% हिस्सा इसी का शिकार है।आपको बता दें, यही आँकड़ा अप्रैल में 27% था, जिंसों तब कम्युनिटी प्लेटफॉर्म LocalCircles द्वारा जारी किया गया था। इतना ही नहीं बल्कि आँकड़ो की मानें तो लगभग 4% स्टार्टअप पहले ही बंद हो गए हैं।

और अब वह समय भी आ गया है जब अधिकांश छोटे व्यवसाय और स्टार्टअप के पास संचालन करते रहने के भी पैसे नहीं बचे हैं। और मुश्किल की बात तो यह है कि इन स्टार्टअप्स के लिए निवेशकों से नया निवेश हासिल करना भी मुश्किल होता जा रहा है, क्योंकि हालात अभी लंबे समय तक पूर्णतः सामान्य होते दिखाई नहीं दे रहें हैं।

रिपोर्ट में एक सर्वे के अनुसार यह बताया गया है कि अप्रैल के लॉकडाउन में 3-6 महीने के ‘कैश रनवे’ के साथ वाले व्यवसायों की संख्या वर्तमान में 23% से एक सप्ताह में घटकर 16% हो गई है।

आपको बता दें यह सर्वे, रिपोर्ट के अनुसार 8,400 स्टार्टअप, एसएमई और उद्यमियों से मिली 28,000 प्रतिक्रियाओं के साथ किया गया।

दरसल इसमें सबसे बुरा यह है कि कम्पनियों में मौजूदा निवेशक भी अभी दिलचस्पी नहीं दिखा रहें हैं और इसका कारण भी साफ़ और बड़ा है, वह है COVID-19 के चलते बने हालात, जिनकी वजह से निवेशकों और स्टार्टअप्स दोनों के बीच कई अनिश्चिताओं ने जन्म लिया है।

स्टार्टअप डेटा कलेक्टर Traxxn से प्राप्त आंकड़ों के हवाले से यह भी सामने आया है कि अप्रैल से 5 जून के बीच में सिर्फ़ 79 सीड फ़ंडिंग राउंड देखनें को मिले। जबकि आपको बता दें पिछले साल अप्रैल और 5 जून के बीच कुल इतने $154.5 मिलियन के कुल 188 सीड फ़ंडिंग राउंड दर्ज किए गए थे।

इतना ही नहीं बल्कि अप्रैल-जून तिमाही में हुई Series A फ़ंडिंग डील पिछले साल के इसी तिमाही के 103 के आँकड़े के मुक़ाबले काफ़ी कम होकर महज़ 36 रह गई है।

इतना ही नहीं बल्कि इन Series A सौदों में भी हासिल की गई कुल राशि भी पिछले साल के मुक़ाबले आधे से भी काम ही रही, जो क़रीब कैरब $238.5 मिलियन के आसपास बताई जा रही है।

हालाँकि पाइपलाइन में कुछ सौदे हैं जो इस महीने के अंत से पहले घोषित किए जाने हैं, यह संभावना नहीं है कि इस साल अप्रैल-जून तिमाही में धन पिछले साल के लक्ष्य से अधिक हो जाएगा।

LocalCircles के सर्वे के हवाले से क़रीब 35% स्टार्टअप्स और SME को अगले छह महीनों में अपने व्यवसाय में विकास दर्ज करने की उम्मीद है, लेकिन वहीं 14% का कहना यह भी है कि उन्हें शायद आने वाले समय में अपना बिज़नेस बंद करना पड़े।

वहीं यह भी सामने आया है कि केवल 14% व्यवसायों ने यह माना है कि सरकार के आत्मनिर्भर भारत प्रोत्साहन पैकेज से वह लाभान्वित हुए हैं, बाक़ी 57% ने कहा कि इसका उनके व्यवसायों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।