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वर्चुअल करेंसी या जिसको हम क्रिप्टोकरेंसी भी कहतें हैं, उसको लेकर अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़ी घोषणा की है।

दरसल RBI ने अब बैंकों से कहा है कि वर्चुअल करेंसी से डील करने वाले व्यापारियों को अब बैंकों द्वारा अकाउंट खोलनें की सुविधा देने में कोई पाबन्दी नहीं है।

इकॉनोमिक टाइम्स की मानें तो Unocoin को इस बात की जानकारी पिछले हफ्ते खुद RBI से मिली थी। दरसल बैंकिंग नियामक RBI ने Unocoin के सह-संस्थापक बी.वी. हरीश द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत पूछे एक सवाल का जवाब दिया था।

रिपोर्ट की मानें तो RBI ने 22 मई को क्रिप्टोकरेंसी से डील करने वाले व्यापारियों द्वारा उठाई गई चिंताओं को स्पष्ट करते हुए कि बैंकों को अब इनके अकाउंट खोलने आदि की मंजूरी दे दी है।

25 अप्रैल को दायर एक RTI में RBI ये यह सवाल किया गया था कि क्या बैंकों को क्रिप्टो एक्सचेंज कंपनियों या क्रिप्टो व्यापारियों को अकाउंट प्रदान करने से रोका गया है?

आपको याद दिला दें मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2018 की एक याचिका की सुनवाई करते हुए RBI द्वारा क्रिप्टोकरेंसी पर लगायी गयी पाबंदियों को हटा दिया था, और जिसके साथ ही यह नियम हट गये थे कि बैंकिंग या गैर-बैंकिंग संस्थाएं ऐसी बिज़नेस करने वालों को किसी प्रकार की बैंकिंग सुविधाओं से लैस न करें।

दरसल शीर्ष अदालत ने RBI के उस नियम को अवैध करार दिया था। और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब हरीश ने अपने जैसी तमाम व्यापारियों की चिंताओं को दूर करने के लिए RTI के तहत RBI से मौजूदा हालातों पर प्रश्न किया था।

रिपोर्ट के अनुसार हरीश ने बताया है कि RBI द्वारा प्राप्त जवाब के अनुसार अब बैंकों को दिए गये नए सर्कुलर के हिसाब से क्रिप्टोकरंसी कारोबार करने वालों को बैंक अकाउंट दिए जानें पर कोई पाबंदी नहीं है।