अभी कुछ ही दिनों पहले Zomato द्वारा मौजूदा महामारी के बिज़नेस पर पड़े प्रभाव का हवाला देतेह उए 13% कर्मचारियों की छटनी की गयी थी।

और अब इसी सिलसिलें को आगे बढ़ाते हुए Zomato के कट्टर प्रतिद्वंद्वी Swiggy ने भी यह घोषणा कर दी है कि कंपनी आगामी कुछ दिनों में देश भर से 1,100 कर्मचारियों की छटनी करने जा रही है। कारण स्वाभाविक है, राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के चलते कंपनी का राजस्व काफी प्रभावित हुआ है।

इकॉनोमिक टाइम्स की रिपोर्ट के हवाले से Swiggy के सह-संस्थापक और सीईओ श्रीहर्ष मैजिटी ने एक ई-मेल के जरिये बताया;

“मूल फूड डिलीवरी कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है और अभी थोड़े और समय तक यह प्रभावित ही रहेगा, हालाँकि कुछ समय बाद इसके वापस से पटरी पर लौटने की पूरी उम्मीद है। पर इस वक़्त हमें खुद के कार्यबल को समेटने और लागत को कम करने की जरुरत है, ताकि हम आगामी समय में किसी भी जोखिम का सामना करने में सक्षम बनें रहें।”

इस बीच खास यह है कि Swiggy के सीईओ के अनुसार सबसे बड़ा असर क्लाउड किचन कारोबार पर पड़ेगा। उनके अनुसार कंपनी क्लाउडकिचन कारोबार को बंद करने का विकल्प चुन सकती है क्योंकि आने वाले समय में यह अत्यधिक अस्थिर रहने वाला है।

इस बीच कंपनी के अनुसार सभी प्रभावित कर्मचारियों को कम से कम तीन महीने का वेतन मिलेगा, साथ ही दिसम्बर तक स्वास्थ्य बीमा और संगठन के साथ बिताए गए हर साल के लिए एक अतिरिक्त महीने का समय मिलेगा।

आपको बता दें बेंगलुरु आधारित इस कंपनी ने हाल ही में ही अपना नया $150 मिलियन का फंडिंग राउंड बंद करने का ऐलान किया है, जिसमें Ark Impact, Korea Investment Partners, Samsung Ventures और Mirae Asset Capital Markets जैसे निवेश शामिल रहे थे।

इतना ही नहीं बल्कि कुछ ही हफ्ते पहले Swiggy के सह-संस्थापक राहुल जैमिनी ने भी कंपनी की परिचालन जिम्मेदारियों को छोड़नें का ऐलान किया था और अब उन्होनें अपने कैरियर को Pesto Tech स्टार्टअप में बतौर सह-संस्थापक के रूप में शरू किया है।

आपको बता दें COVID-19 के चलते तुलनात्मक रूप से पिछले दो महीनों में फ़ूड डिलीवरी के आंकड़ों में 60-70% की गिरावट आई है, कारण साफ़ है लॉकडाउन आदि के चलते बहुत से रेस्टोरेंट बंद हैं और ग्राहक भी बाहरी खाना आर्डर करने से बच रहें हैं।

इसका सीधा असर Zomato और Swiggy पर भी हुआ है, और इसलिए फ़िलहाल इन दोनों कंपनियों ने ग्रॉसरी डिलीवरी जगत का भी रुख किया है और साथ ही साथ कुछ राज्य सरकारों के साथ शराब की होम डिलीवरी को लेकर भी चर्चा कर रही हैं।