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मौजूदा समय में COVID-19 महामारी के चलते भारत सरकार द्वारा पेश की गयी कांटेक्ट ट्रेसिंग ऐप, Aarogya Setu को अब इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना मंत्रालय (MeitY) ने Reliance Industries के Jio फीचर फोन पर भी लॉन्च कर दिया है, जिसके लिए ऐप का एक नया वर्जन पेश किया गया है।

आपको बता दें Aarogya Setu ऐप फ़िलहाल भारत में निजी और सार्वजनिक कर्मचारियों के लिए डाउनलोड करने हेतु अनिवार्य बना दी गयी है और साथ ही साथ यात्रा खासकर स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से यात्रा करने वालों के लिए भी इसको अनिवार्य किया गया है। लेकिन अब करीब 5 मिलियन (50 लाख) JioPhones में यह ऐप उपलब्ध होने से लोगों को काफी सहूलियत मिल सकेगी।

इससे पहले Aarogya Setu ऐप केवल Android के लिए Google Play Store और iOS स्मार्टफ़ोन के लिए App Store पर भी उपलब्ध थी। लेकिन अब यह ऐप JioPhones में भी उपलब्ध है जो असल में कम कीमत वाला कि एक कम कीमत वाला VoLTE फीचर के साथ 4G फ़ोन है।

आपको बता दें Reuters में छपी एक रिपोर्ट के हवाले से यह बात सामने आई थी, कि भारत सरकार का मंत्रालय JioPhone उपयोगकर्ताओं के लिए Aarogya Setu ऐप का नया वर्जन पेश करने जा रहा है।

उम्मीद की जा रही है कि यह ऐप भले फिलहाल केवल 5 मिलियन JioPhone उपयोगकर्ताओं के लिए ही उपलब्ध है, लेकिन जल्द ही इसको देश में अधिक गैर-स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं तक पहुँचाने की दिशा में सरकार कोई कदम उठा सकती है।

दिलचस्प यह है कि यह लॉन्च ऐसे समय में आया है जब कुछ ही हफ़्तों पहले सरकार ने एक इंटरैक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम (IVRS) के जरिये सभी फीचर फोन के लिए Aarogya Setu ऐप को विस्तारित करने की घोषणा की थी। साथ ही साथ इस मकसद के लिए साझेदारी हेतु सरकार ने Bharti Airtel, Reliance Jio और Vodafone-Idea सहित अन्य टेलीकॉम ऑपरेटरों के साथ बातचीत भी शुरू की है।

गौर करने वाली बात यह है कि Aarogya Setu ऐप ने बुधवार को ही अपने लॉन्च के महज़ 41 दिनों के अन्दर ही 100 मिलियन डाउनलोड का आँकड़ा पार कर लिया था। इस लिहाज़ से यह विश्व स्तर में फ़िलहाल सबसे तेजी से बढ़ने वाले ऐप्स में से एक बन गया है।

लेकिन इस ऐप के लिए सब कुछ इतना अच्छा भी नहीं रहा, दरसल हाल ही में ही कुछ सिक्यूरिटी रिसर्चर्स ने इस ऐप की प्राइवेसी संबंधी खामियों को उजागर करने का भी दावा किया था। उनके अनुसार जब उपयोगकर्ता साइन अप करते हैं और बीमारी के लक्षणों से ग्रसित लोगों के विवरणों को लॉग करते हैं, तो ऐप उपयोगकर्ताओं के डेटा को संग्रहीत कर लेता है।

लेकिन इस बीच आपको यह बताना भी जरूरी है कि अधिकारिक रूप से Aarogya Setu ऐप ‘ओपन सोर्स’ नहीं है, और इसका साफ़ सा मलतब यह है कि कोई भी स्वतंत्र रिसर्चर इस ऐप के कोड को ऑडिट करके इसमें खामियां नहीं पहचान सकता है।

और साथ ही साथ सरकार की तरफ से भी इन सभी हैकिंग आदि के दावों का खंडन करते हुए, इस ऐप की प्राइवेसी पॉलिसी का हवाला देते हुए, दावों को निराधार बताया गया। खैर! मौजूदा हालतों में इस ऐप को सरकार और भी तेजी से लोगों तक पहुँचाने का प्रयास करते नजर आ सकती है, जिसमें हैरानी बिल्कुल भी नहीं होनी चाहिए।