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जैसा कि अपेक्षित था, देश के कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में बढ़ते कोरोनो वायरस के मामलों को देखते हुए भारत सरकार ने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को 2 हफ़्ते और बढ़ाने का ऐलान कर दिया है।

लेकिन दिलचस्प यह है कि देशभर को कोरोना मामलों के अनुसार बाँटते हुए सरकार ने तीन क्षेत्रों में बांटा है। इन क्षेत्रों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन रंग क्षेत्रों में बांटा गया है। और खास यह है कि इस बढ़े लॉकडाउन में नारंगी और हरे ज़ोन में आने वाले क्षेत्रों में कुछ छूट प्रदान की गई हैं और इसमें ई-कॉमर्स सेवाएं भी शामिल हैं।

जी हां! आज यानि 1 मई 2020 को जारी एक बयान में सरकार ने कहा कि Amazon और Flipkart जैसी ई-कॉमर्स कंपनियां चुनिंदा क्षेत्रों में अपना पूर्ण संचालन शुरू कर सकती हैं।

इस बीच सरकार के अनुसार ग्रीन जोन बनाये गए क्षेत्र वह हैं जिनमें एक भी कोरोना संक्रमित मामला सामने नहीं आया है या फ़िर बीते 21 दिनों से वहाँ कोई नया मामला नहीं सामने आया।

वहीं रेड ज़ोन ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ अभी भी COVID 19 के मामले सामने आ रहे हैं और उनके बढ़ने की रफ्तार भी जारी है। बता दें सरकार ने ऐसे क्षेत्रों को हॉटस्पॉट करार दिया है।

वहीं ऑरेंज जोन ऐसे जिले होंगे जो न तो ग्रीन जोन और न ही रेड जोन के अंतर्गत आते हैं।

इसके अलावा, ऐसे क्षेत्र जो रेड और ऑरेंज ज़ोन की सीमाओं से जुड़ें हैं उन्हें कन्टेनमेंट क्षेत्र के तौर पर चिन्हित किया गया है। गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार ऐसे क्षेत्रों में भी अधिकतम एहतियात बरतने की आवश्यकता है, और यहां सक्रिय मामलों की जांच करने के लिए कांटेक्ट ट्रेसिंग का उपयोग किया जाएगा। साथ ही इस प्रकार के क्षेत्रों में आरोग्य सेतु ऐप को 100% कवरेज सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य किया जाएगा।

साथ ही Ola और Uber जैसे कैब एग्रीगेटरों को भी ग्रीन और ऑरेंज जोन क्षेत्रों में संचालन फिर से शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। लेकिन इतना जरूर है कि इसमें सिर्फ एक चालक और दो यात्रियों को यात्रा करने की इजाजत होगी। एक ही सवारी के साथ प्रति अनुमति दी जाएगी।

साथ ही व्यक्तियों और वाहनों दोनों को एक जिले से दूसरे जिले जाने की अनुमति होगी, लेकिन सिर्फ अनुमति प्राप्त कार्यों के लिए। साथ ही प्राइवेट गाड़ियों को भी कैब की तरह ही एक चालक और 2 यात्रियों के साथ यात्रा करने की अनुमति दी गयी है।

साथ ही ग्रीन जोन में बसें और बस डिपो को भी 50% क्षमता पर काम करने की इजाजत दी जाएगी।

लेकिन ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए यह इतनी भी खुशी की बात इसलिए नहीं है क्योंकि दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और हैदराबाद सहित अधिकांश महानगरीय शहरों को रेड जोन क्षेत्रों के रूप में वर्गीकृत किया गया है। और इसलिए इन क्षेत्रों में कंपनियों को संचालन की इजाजत नहीं होगी।

दिलचस्प यह है कि इससे पहले ही गृह मंत्रालय ने यह ऐलान किया था कि ई-कॉमर्स कंपनियां गैर-जरूरी वस्तुएं वितरित कर सकती हैं, और जो राज्य इन सेवाओं को फिर से शुरू करना चाहते हैं, वे ऐसा करने का विकल्प चुन सकते हैं। हालाँकि बाद में इस फ़ैसले को तुरंत ही वापस ले लिया गया था।