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करीब 1 महीनें से चल रहे लॉकडाउन आदि के चलते अब कोरोना वायरस महामारी का असर आर्थिक मोर्चे पर और स्पष्टता से नज़र आने लगा है।

जी हाँ! भारत का सबसे अधिक वैल्यूएशन वाला ई-पेमेंट स्टार्टअप Paytm भी इसके प्रभाव से जूझ रहा है। $16 बिलियन की वैल्यूएशन वाला Paytm पिछले दो महीनों से लगातार कंपनी के खर्चों में 15-20% की कटौती कर रहा है।

दरसल इस बात का खुलासा टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट में Paytm के संस्थापक और सीईओ विजय शेखर शर्मा द्वारा इस महीने के शुरू में मीडिया फर्म को दिए एक साक्षात्कार के हवाले से किया गया।

आँकड़ों की माने तो पूरे डिजिटल पेमेंट क्षेत्र जैसे यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), ई-वॉलेट और डेबिट/क्रेडिट कार्ड आदि भुगतानों में 30-40% तक की कमी दर्ज की गयी है। और इसलिए Paytm का यह कदम काफी स्वाभाविक बन जाता है।

सच यह है कि उपभोक्ता आवश्यक सेवाओं के अलावा अब कई क्षेत्रों में ख़रीदारी नहीं कर पा रहें हैं, और इसलिए ऑनलाइन पेमेंट में भारी कमी देखी जा रही है।

दिलचस्प बात यह है कि टाइम्स ऑफ़ इंडिया की अक्टूबर में सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक Paytm पहले से ही अपने घाटे को 33% यानि $400 मिलियन तक कम करने के प्रयास कर रहा था।

इस बीच Paytm के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने बताया कि कंपनी मार्केटिंग और क्लाउड-यूज़ जैसे विभागों में कटौती कर रही है। और साथ ही साथ ऑफिस के किरायों में भी कटौती की जाने की संभावना है।

गौर करने वाली बात यह है कि इस दिशा में कदम उठाते हुए उपयोगकर्ताओं को उनके रिचार्ज और बिल भुगतान को लेकर कन्फर्मेशन मैसेज भेजने पर भी सीमा तय कर दी गयी है, जिसमें सामान्यतः कंपनी को हर महीनें कुछ लाख ही खर्च करने पड़ते थे। विजय शेखर शर्मा ने कहा;

“हम बहुत तरीकें से लागतों में कटौती करने में सक्षम हैं, और एक बार जब हम यह कर लेंगें तो हम औसत एक मजबूत मशीन की तरह हो जायेंगें।”

“दरसल मौजूदा घाटे की दर पर कंपनी के पास आगामी 4 वर्षों तक ही संचालन कर सकने के लिए पैसा शेष है।”

आपको बता दें Paytm ने पिछले साल नवंबर में T Rowe Price, SoftBank और Ant Financial से $1 बिलियन का नया निवेश प्राप्त करने की घोषणा की थी।

दिलचस्प यह भी है कि यह सब ऐसे वक़्त में सामने आया है जब सरकार ने फैसला किया है कि चीन से भविष्य में निवेश के लिए सरकारी मंजूरी की आवश्यकता होगी।

इस बीच खबर यह भी है कि नोएडा स्थित यह कंपनी अब अपने कर्मचरियों को नकद के अधिक ESOPs शेयरों को आवंटित करने की योजना बना रही है। हालाँकि इतना जरुर है कि अभी तक कंपनी ने किसी भी तरह से वेतन में कटौती का ऐलान नहीं किया है।

आपको बता दें कंपनी के दावे के अनुसार फ़िलहाल Paytm में लगभग 5,000 फुल टाइम कर्मचारी कार्यरत हैं। साथ ही कंपनी ने कहा कि उसने कमर्चारियों के वेतन में कटौती करने के बजाये उनसे PM CARE FUND में पैसा देने की अपील भी की है।

वहीँ विजय की मानें तो ऑनलाइन मूवी टिकट बुकिंग और ट्रेवल जैसे व्यवसाय भले महामारी के चलते लगभग शून्य हो गए हैं, लेकिन मोबाइल रिचार्ज और बिजली बिल जैसे भुगतानों में काफी बढोतरी देखि जा रही है।

और साथी ही फ़िलहाल के लिए कंपनी वित्तीय सेवाओं और बीमा ब्रोकरेज जैसे अन्य व्यवसायों के लिए अपने कर्मचारियों की क्षमता का उपयोग कर रही है। आपको बता दें Paytm ने फ़िलहाल COVID-19 बीमा बेचने के लिए Reliance General Insurance के साथ साझेदारी भी की है।

वहीँ इस बीच Paytm Payments Bank, जिसमें Paytm की 49% और विजय शेखर शर्मा की 51% की हिस्सेदारी है, ने भी 57 मिलियन बचत खाताधारकों में जमा राशि में 1,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य को हासिल कर लिया है। साथ ही अब Paytm Payments Bank मनरेगा, एलपीजी गैस सब्सिडी और अन्य योजनाओं में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBTs) प्राप्त कर रहा है।