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पिछले कुछ समय से सामने आ रही तमाम मीडिया रिपोर्ट्स और अटकलों को सही साबित करते हुए Facebook ने आज आख़िरकार ग्राहक आधार के पैमानें पर भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Reliance Jio में $5.7 बिलियन के निवेश की घोषणा कर दी है।

बता दें Reliance Jio पर असल में Reliance Industries का मालिकाना हक है, जो एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाला $150 बिलियन+ का बिज़नेस ग्रुप है।

वहीँ इस निवेश के ऐलान के साथ Facebook ने एक बयान में कहा;

“यह निवेश भारत के लिए हमारी प्रतिबद्धता और भारत में Jio द्वारा लाये गये एक क्रांतिकारी परिवर्तन को लेकर हमारे रोमांच को भी दर्शाता है। दरसल चार साल से भी कम समय में Jio द्वारा 388 मिलियन से अधिक लोगों को ऑनलाइन लाना, नए-नए उद्यमों के निर्माण को बढ़ावा देना और लोगों को नए तरीकों से जोड़ना काफी बड़ी उपलब्धि है।”

“अपने इस फैसले के तहत हम भारत में और अधिक लोगों को Jio के साथ जोड़ने के लिए अपनी प्रतिबद्धता भी जाहिर करना चाहेंगें।”

लेकिन सबसे दिलचस्प बात जिसका खुलासा Reliance Jio की ओर से जारी एक बयान में किया गया वह है कि Facebook ने $65.95 बिलियन  की प्री-मनी वैल्यूएशन (INR70=1USD की दर के साथ) पर Jio में $5.7 बिलियन के निवेश के जरिये 9.99% की हिस्सेदारी हासिल की है।

साथ ही यह सौदा दोनों कंपनियों के लिए अहम है, क्यूंकि जहाँ एक ओर Facebook अब Jio में सबसे बड़ी अल्पसंख्यक शेयरधारक बन गयी है वहीँ भारतीय मूल की टेलीकॉम कंपनी Jio की वैल्यूएशन इस निवेश के तहत और बढ़ गयी है।

Jio ने अपने बयान में आगे बताया कि यह दुनिया में कहीं भी एक टेक्नोलॉजी कंपनी द्वारा अल्पसंख्यक हिस्सेदारी के लिए किया गया सबसे बड़ा निवेश होने के साथ ही साथ भारत में टेक्नोलॉजी क्षेत्र में सबसे बड़ा FDI निवेश है।

और अब इसके बाद करीब अपने लॉन्च के साढ़े तीन साल के भीतर ही बाजार पूंजीकरण के पैमानें पर Jio भारत की टॉप 5 कंपनियों में शुमार हो गयी है।

इस सौदे के कुछ और भी दिलचस्प पहलु हैं, जैसे अब Facebook के अनुसार वह WhatsApp की क्षमता का उपयोग Jio की ई-कॉमर्स इकाई JioMart के लिए करेगी ताकि भारत के छोटे व्यवसायों को ऑनलाइन लाया जा सके।

वहीँ आपको बता दें इसके पहले ही ऐसी खबरें सामने आ चुकी हैं कि मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी Reliance Industries और Facebook साथ आकर बहुउद्देशीय ऐप या कहें तो सुपर ऐप बनाने पर विचार कर रहें हैं। ये दोनों कंपनियां चीन आधारित WeChat की ही तर्ज़ पर एक सुपर ऐप बनाना चाहती हैं, ताकि छोटे व्यवसायों को एक ही मैसेजिंग ऐप पर ई-कॉमर्स से लेकर पेमेंट सुविधा तक प्रदान की जा सके।

साथ ही इसको लेकर Reliance Industries के चेयरमैन मुकेश अंबानी द्वारा जारी एक बयान में उन्होनें कहा,

“Jio के विश्व स्तरीय कनेक्टिविटी प्लेटफॉर्म और भारतीयों के Facebook के प्रति रुझान को देखते हुए, इन कंपनियों का साथ आना देश के हर नागरिक के लिए नए बेहतर और इनोवटिव समाधानों की संभवनाओं को जन्म देता है।”

इसको लेकर Jio ने भी एक बयान में कहा;

“हमारा ध्यान भारत के 60 मिलियन सूक्ष्म, लघु और मध्यम व्यवसायों, 120 मिलियन किसानों, 30 मिलियन छोटे व्यापारियों और अनौपचारिक क्षेत्र के लाखों छोटे और मध्यम उद्यमों की विभिन्न डिजिटल सेवाओं की मांग  को पूरा करके उन्हें सशक्त बनाने में होगा।”

दरसल यह संभव भी है, क्योंकि WhatsApp के पास जहाँ भारत में 400 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ता आधार है, जो भारत के कुल स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं का करीब 80% है। वहीँ दूसरी ओर Jio के पास भी देश भर में 355 मिलियन से अधिक ग्राहक हैं। और इस लिहाज़ से इन कंपनियों का साथ आना एक बड़े कदम की ओर साफ़ संकेत देता है।

व्यापक तौर पर देखें तो Facebook इस कदम के जरिये भारत से प्रति उपयोगकर्ता राजस्व संख्या में तेज वृद्धि की संभावनाओं को जन्म देना चाहता है। आपको बता दें भारत में Facebook के पास भले वैश्विक तुलनात्मक रूप से सबसे अधिक उपयोगकर्ता आधार हो, लेकिन देश का कंपनी के राजस्व में योगदान काफी कम है।

और अब Jio के साथ मिलकर Facebook पहली बार छोटे व्यवसायों तक सीधी पहुँच प्राप्त करता नज़र आएगा और शायद अपने राजस्व में संभावित वृद्धि दर्ज करता भी।

वहीँ यह निवेश Jio की पैरेंट कंपनी Reliance Industries को भी एक बड़ी राहत देगा। यह राशि Reliance को अपने कर्ज को उतारने में बहुत मदद करेगी। आपको बता दें मुकेश अंबानी ने हाल ही में Reliance को कर्ज मुक्त बनाने की घोषणा की थी और अब यह पैसा शायद इसी मकसद में इस्तेमाल होगा।

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