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जैसा की हम सब जानते हैं कि भारत के प्रधानमंत्री ने कला यानी 24 मार्च को रात 12 बजे से पूरे देश में 21 दिनों के लिए लॉकडाउन की घोषणा की है।

और अब इसका असर साफ़ तौर पर दिखने लगा है, दरसल अब देश की दो सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों ने देश में अपने अधिकांश कार्यों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

आपको बता दें जहाँ एक ओर Walmart के मालिकाना हक वाली Flipkart ने पूरे देश में अपनी सभी सेवाओं को अस्थायी तौर पर बंद करने का फैसला किया है, वहीँ Amazon India ने भी कहा है कि वह अब सिर्फ जरूरी सामान जैसे किराना और डेयरी संबंधी सामान ही डिलीवर करेगा।

बता दें Amazon मौजूदा समय में घरेलू सामान, पैकेज्ड फूड, हेल्थकेयर, स्वच्छता और व्यक्तिगत सुरक्षा जैसे उत्पादों प्रोडक्ट को ही प्राथमिकता देगा। साथ ही इस सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी ने रविवार को अपने Easy Ship, Seller Flex और Fulfilled by Amazon जैसी सेवाओं को पूरे तरीके से फ़िलहाल बंद कर दिया है।

इस बीच इन दोनों कंपनियों ने यह ऐलान नहीं किया है कि कब वापस से यह दोनों कंपनियां अपनी सामान्य सेवाओं की शुरुआत करेगीं। लेकिन इतना तो जाहिर है कि कंपनियों का यह निर्णय भी सर्कार के आगामी आदेशों पर ही निर्भर करेगा।

आपको बता दें Amazon ने जरूरी सामानों की मांग में काफी वृद्धि दर्ज की है। एक ब्लॉग पोस्ट के जरिये कंपनी ने इन सामानों की प्राथमिकता के तहत बिक्री की घोषणा की और ग्राहकों से गैर-जरूरी सामानों के आर्डर कैंसिल कर रिफंड लेने का आग्रह भी किया।

आपको बता दें कंपनी ने सभी गैर-जरूरी सामानों को “temporarily unavailable for purchase” के रूप में प्लेटफार्म पर टैग किया है। बता दें कंपनी ने ऐसी ही कुछ पहल COVID-19 द्वारा सबसे खराब स्थिति से जूझ रहे इटली और फ्रांस में भी शुरू की है।

वहीँ दूसरी ओर Flipkart ने अपने सभी परिचालन को पूरी तरह से अस्थायी तौर पर बंद करने का फैसला किया है। दरसल विभिन्न राज्यों में डिलीवरी स्टाफ के आंदोलन और प्रतिबंध आदि के कारन कंपनी ने यह फैसला किया है। कंपनी की वेबसाइट में लिखा गया है,

“यह एक कठिन समय हैं। यह समय अन्य समय की तरह नहीं है। इससे पहले कभी भी लोगों को सुरक्षित रहने के लिए अलग नहीं किया गया। इससे पहले कभी भी देश को बचाने का मलतब घर में रहना नहीं था। हम आपसे सुरक्षित रहने के लिए घर में रहने का आग्रह करते हैं। हम इसमें साथ में सफल हो सकेंगें।”

इस बीच Amazon और Flipkart की तरह ही Grofers, BigBasket, Snapdeal जैसे प्लेटफार्म भी लॉजिस्टिक समस्याओं का सामना कर रहें हैं। दरसल इन कंपनियों द्वारा नियोजित कुल डिलीवरी कर्मचारियों की संख्या भारत में लगभग 1,85000 है, जिनमें से अधिकांश प्रवासी हैं।

और मौजूदा हालातों में राज्यों द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर भी लॉकडाउन किये जाने से अब यह कर्मचारी सबसे पहले अपने अपने गृह राज्य जाने की कोशिशें कर रहें हैं।

वहीँ बड़ी संख्या में ऑफ़लाइन खुदरा दुकानें, जो भारत के कुल खुदरा क्षेत्र में 90% हिस्सेदारी रखती हैं, उन्होनें भी बंदी या सीमित संचालन शुरू कर दिया है। नतीजतन उपभोक्ताओं ने जरूरी सामानों के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्मों का रुख किया है।

जाहिर है पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 21 दिन के लॉकडाउन से और ऑनलाइन ऑर्डर बढ़ेंगे। केंद्रीय आईटी मंत्रालय ने सलाह के दौरान राज्य सरकारों से कहा है कि वे ऑनलाइन रिटेलरों के कामकाज की अनुमति दें, जिसमें आवश्यक सेवाएं जैसे कि भोजन, डेयरी उत्पाद और चिकित्सा आदि शामिल है।

इस बीच आपको बता दें भारत में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के 582 मामलें सामने आयें हैं और इसीलिए अब देश की सरकार ने इस महामारी को रोकने के लिए कुछ कठोर कदम उठाएं हैं। आपको तबै दें फ़िलहाल पूरे देश में 1.3 बिलियन लोगों को लॉकडाउन में रखा गया है। साथ ही सरकार ने इससे लड़ने के लिए स्वास्थ्य सेवा में $2 बिलियन के तत्काल निवेश की घोषणा भी की है।

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