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आपको शायद याद हो, हाल में ही करीब 3 हफ़्ते पहले भारत की सर्वोच्च अदालत ने अपने एक ऐतिहासिक फ़ैसले के तहत देश में RBI द्वारा क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग पर लगाये गये प्रतिबंध को हटाने का आदेश दिया था।

और अब ऐसा लगता है कि इस फैसले का असर भी भारत में दिखने लगा है। इस फैसले के एक हफ़्ते बाद दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में से एक Binance ने भारत केंद्रित $50 मिलियन के ब्लॉकचेन फंड की घोषणा की थी। और अब इस फ़ैसले से CoinDCX की झोली भी खुशियों से भर सी गयी है।

आपको बता दें असल में CoinDCX, भारत के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों में से एक है। और खबर यह है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले के बाद अब इस एक्सचेंज प्लेटफार्म ने Bain Capital Ventures सहित कई अन्य निवेशकों से $3 मिलियन की फंडिंग हासिल करने का ऐलान किया है।

लेकिन इस फंडिंग राउंड में एक और बात खास रही, और वह यह कि इसमें बतौर निवेशक दिग्गज क्रिप्टो निवेशक Polychain Capital और क्रिप्टो एक्सचेंज BitMEX का संचालक HDR Global Trading भी शामिल रहा।

और अब इस फंडिंग दौर को भारत के बैंकिंग नियामक RBI की विभिन्न स्तरों पर अनिच्छा को दरकिनार करते हुए सुप्रीम कोर्ट द्वारा उठाए गए एक प्रगतिशील कदम की सराहना के रूप में देखा जाने लगा है।

इस बीच CoinDCX ने बताया कि वह इस प्राप्त राशि का उपयोग क्रिप्टोकरेंसी को बढ़ावा देने के साथ ही साथ अपने प्रोडक्ट के विकास और मार्केटिंग के लिए करेगा।

इस प्राप्त निवेश को लेकर CoinDCX के सह-संस्थापक और सीईओ सुमित गुप्ता ने कहा;

“भारत क्रिप्टोकरेंसी के लिए एक बड़ी संभावना वाला बाजार है। क्रिप्टो एक मूल्यवान संपत्ति के रूप में देश के अन्दर टेकऑफ़ के लिए तैयार है।”

हकीकत यह है कि अब ऐसी खबरें देश में आम हो सकती है, और जो संभव हो सका है सिर्फ और सिर्फ भारत की सुप्रीम कोर्ट के फैसले की वजह से, जिसने कानूनी रूप से देश में क्रिप्टोकरेंसी स्टार्टअप के लिए संभावनाओं को खोल दिया है।

बता दें इस फैसले के तहत कोर्ट ने RBI के अप्रैल 2018 में लगाये गये क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। दरसल RBI ने 2018 में अपने प्रतिबंध में सभी बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को आदेश दिया था कि वे उन संस्थाओं को सेवाएं प्रदान करना बंद कर दें जो क्रिप्टोकरेंसी में कारोबार करतीं थीं।

RBI के इस फैसले ने जहाँ एक ओर वर्चुअल करेंसी की संभावनाओं को समझने के प्रति  दुनिया के सबसे पुराने संघीय बैंकों में से एक की अक्षमता को दर्शाया, वहीँ दूसरी ओर इसके चलते इस क्षेत्र में कार्यरत स्टार्टअप्स के लिए भी देश के दरवाजों को बंद कर दिया।

इसका नतीजा यह रहा कि कई स्टार्टअप जिन्होंने अपार उम्मीदों और तैयारी के साथ इस क्षेत्र में शुरुआत की थी, वह अन्य देशों का रुख करने लगे। ऐसे स्टार्टअप्स में CoinDCX, Koinex और Zebpay का नाम भी शुमार रहा।

Zebpay और CoinDCX ने खुद को सिंगापुर स्थानांतरित कर दिया। साथ ही CoinDCX ने तो खुद को बचाए रखने के लिए पीयर-टू-पीयर ट्रेडिंग भी शुरू की।

इस बीच कंपनी ने सीईओ सुमित गुप्ता कहतें हैं कि

“हम उन तीन एक्सचेंजों में से एक थे जो RBI के प्रतिबंध के दौरान भी अन्य तरीकों से अपना संचालन कर रहे थे।”

इस बीच एक और दिलचस्प एंट्री हुई, जो थी WazirX की, जिसने RBI के प्रतिबंध के बाद इस क्षेत्र में कदम रखा और पीयर टू पीयर क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज प्लेटफॉर्म बनने के लिए एक दिलचस्प रास्ता चुना। इसके आप ‘क्रिप्टोकरेंसियों का Tinder’ भी कह सकतें हैं।

बाद में WazirX को दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज, यूरोप-आधारित Binance द्वारा अधिग्रहित कर लिया गया। और जैसा हमनें पहले ही बताया, अब दोनों ने हाल ही में भारत के लिए $50 मिलियन के ब्लॉकचेन फंड की घोषणा की है।

इन शुरुआतों के साथ अब ऐसा लगता है कि भारत में इस क्षेत्र की तस्वीर बदलने लगी है और आगामी समय में इसकी रफ़्तार और तेज हो सकती है।

बहरहाल! बता दें CoinDCX बैंक अकाउंट ट्रांसफर को एकीकृत करने और उपयोगकर्ताओं को तुरंत भारतीय रुपये के साथ क्रिप्टोकरेंसी खरीदने और बेचने की अनुमति देने वाला देश का पहला क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बन गया है। इसने TryCrypto नामक अभियान के लिए $1.3 मिलियन खर्च करने का वादा भी किया है, जिसका उद्देश्य भारत में क्रिप्टो उपयोगकर्ताओं की कुल संख्या 50 मिलियन तक करने का होगा, जो फ़िलहाल 5 मिलियन के करीब बताई जा रही है।