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भारत में एक के बाद एक कई कंपनियां अपने अपने कर्मचारियों के लिए COVID-19 के चलते पैदा हुई आर्थिक मुसीबतों में मदद की घोषणाएं कर रही हैं।

और अब इसी श्रृंखला में भारतीय मूल की कैब सेवा प्रदाता कंपनी Ola ने भी भारत और ऑस्ट्रेलिया में COVID-19 के चलते प्रभावित हुए अपने ड्राईवर पार्टनर्स के लिए एक फंड के स्थापना का ऐलान किया है।

आपको बता दें Ola ने पहले ही भारत में इसकी घोषणा कर दी थी, लेकिन अब कंपनी ने ऑस्ट्रेलिया में भी इस पहल का आगाज किया है, जिसमें कंपनी कोरोना वायरस के संक्रमण टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने पर अपने ड्राईवर पार्टनर्स को नकद राशि के तौर पर आर्थिक मदद देगी।

इस कोरोना वायरस फंड के चलते ऑस्ट्रेलिया में अब कोरोनो वायरस से प्रभावित या विदेशी यात्रा आदि के चलते आइसोलेशन में रखे गये Ola ड्राइवर 14 दिनों तक कंपनी से वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेंगें।

ड्राईवरों को मिलने वाली यह सहायता राशि असल में Ola प्लेटफॉर्म पर उनकी व्यक्तिगत औसत दैनिक आय के 14 दिनों के बराबर होगी। इस योजना के लिए अपनी पात्रता साबित करने हेतु ड्राइवरों को अपने दावे का समर्थन करने वाले दस्तावेज को भी जमा करने की आवश्यकता होगी।

इस पर Ola के अंतरराष्ट्रीय परिचालन प्रमुख, Simon Smith ने एक बयान में कहा,

“हमारे ड्राइवर-भागीदारों की स्वास्थ्य और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जहाँ एक ओर हम जागरूकता के स्तर को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य परामर्श इत्यादि जैसी सेवाओं की पेशकश कर रहें हैं, वहीं कंपनी का यह COVID-19 फंड अब इस चुनौतीपूर्ण समय में ड्राइवरों और उनके परिवारों के लिए वित्तीय सुरक्षा के लिहाज से एक बेहद जरूरी कदम है।”

इस बीच आपको बता दें भारत में भी Ola ने ड्राइवरों की मदद करने के लिए इस फंड को पेश किया है, लेकिन यह तभी तक सीमित है जब ड्राइवर या उनके जीवनसाथी कोरोनो वायरस से जूझ रहें हों। दरसल Ola केवल अपने ड्राईवर पार्टनर्स या उनके जीवनसाथियों के COVID-19 संक्रमण से प्रभावित होने की स्थिति में ही आय के होते नुकसान को कवर करेगा।

सभी पात्र Ola ड्राईवर और उनके जीवनसाथी कुल तौर पर 30,000 रूपये की राशि प्राप्त कर सकेंगे, जिसके तहत वे COVID- 19 से संक्रमित पाए जाने की तारीख से प्रत्येक व्यक्ति के तौर पर अधिकतम 21 दिनों के लिए प्रति दिन 1000 रूपये का मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं।

आपको बता दें इसमें सरकार के मानदंडों द्वारा क्वालिफाइड चिकित्सक के जरिये अस्पताल और होम क्वारंटाइन की स्थिति को मान्यता दी जायेगी। ड्राइवर इस मुआवजे के लिए स्वयं और/या अपने जीवनसाथी के मेडिकल दस्तावेज प्रदान करके दावा कर सकते हैं।

दरसल कल ही भारत सरकार द्वारा देश भर के 80 प्रभावित जिलों में पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा के बाद यह ऐलान शायद ही काफी हो। दरसल लॉकडाउन की स्थिति में कोई भी ड्राईवर पार्टनर कमाई कर सकनें में असमर्थ होगा, जिससे उसका और उसके परिवार का जीवन प्रभावित हो सकता है।

साथ ही कई ड्राईवर उच्च ब्याज पर लोन लेकर कार खरीदते हैं ऐसे में उनके लिए और मुश्किल हालात पैदा हो सकतें हैं।

इस बीच आपको यह भी बता दें कि Ola और Uber ने सरकार के दिशानिर्देशों के चलते देशभर में अपनी राइड-शेयरिंग सेवा को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। साथ ही Uber ने आज चुनिन्दा शहरों में अपनी सभी सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा भी की है।