कोरोना वायरस का प्रभाव दुनिया भर के कई उद्योगों में साफ़ साफ़ दिखाई दे रहा है, जैसे दुकानों का बंद रहना, होटलों में बुकिंग न होना, एयरलाइन व ट्रेन यात्राओं में आई कमी और साथ ही साथ रेस्टोरेंट, मॉल या सिनेमाघरों की ओर लोगों का कम रुख करना।

लेकिन कभी आपने यह सोचा है कि इन सभी के चलते इनसे जुड़ा एक और क्षेत्र है जो इन हालातों में काफ़ी प्रभावित हो रहा है, जी हाँ! हम बात कर रहें हैं ‘डिजिटल पेमेंट’ जगत की।

स्वाभाविक है जब ऊपर बताए गए उद्योगों में गिरावट आई है, तो ऐसे में लोगों को डिजिटल भुगतान के इस्तेमाल की भी कोई खास जरूरत नहीं पड़ रही, और अब इससे जुडें आँकड़े भी इस बात की गवाही देने लगें हैं।

दरसल इकॉनोमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस उद्योग से जुड़े कुछ अधिकारियों ने बताया कि अन्य उद्योग जगत में आई तेज मंदी के कारण डिजिटल भुगतान क्षेत्र में लेनदेन की संख्या में लगभग 30% की गिरावट दर्ज की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार डिजिटल पेमेंट सुविधा प्रदान करने वाली कई अग्रणी कंपनियां COVID-19 के प्रकोप को रोकने के लिए जगह-जगह लगें प्रतिबंधों की वजह से काफ़ी कम लेनदेन दर्ज कर रही हैं। दरसल हवाई यात्राओं, होटल उद्योग और खुदरा बाजार जैसे क्षेत्रों के प्रभावित होने से सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई है।

इस बीच रिपोर्ट के अनुसार इस उद्योग जगत के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा;

“इसका गिरावट में बड़ी हिस्सेदारी देश के महानगरों की है, लेकिन अन्य हिस्सों का इसमें उतना अधिक योगदान नहीं रहा है।”

उन्होनें आगे यह भी बताया कि भले डिजिटल चैनलों पर ग्राहकों की मौजूदगी अभी भी अधिक है, लेकिन लेन-देन की संख्या में काफी गिरावट आई है।

पॉइंट-ऑफ-सेल (PoS) जगत के मशहूर नाम, Pine Labs के सीईओ कुश मेहरा ने कहा;

“भारत की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि ग्राहकों की दिनचर्या काफ़ी प्रभावित हुई है।”

“जब भारतीय उपभोक्ता दुकानों में अपनी आवाजाही कम करने लगते हैं, तो ऐसे में सभी व्यापार श्रेणियों में ऑफ़लाइन लेनदेन पर पड़ने वाले वास्तविक प्रभाव का अभी से आकलन करना शायद जल्दबाजी होगी।”

इस बीच एक दिलचस्प आंकड़ों में ऑनलाइन भुगतान समाधान प्रदाता Razorpay और भुगतान गेटवे प्लेटफॉर्म CCAvenue ने बताया कि कुल ऑनलाइन लेनदेन में 25% तक की हिस्सेदारी रखने वाले ट्रेवल क्षेत्र में करीब 35% से 40% तक लेनदेन कम हो गए हैं।

वहीँ QR कोड आधारित भुगतान स्टार्टअप BharatPe के सीईओ अश्नीर ग्रोवर ने इकॉनोमिक टाइम्स को दिए एक बयान में कहा;

“प्लेटफॉर्म पर लेन-देन की संख्या में करीब 10% -15% तक की कमी आई है। बाजार बंद हो रहे हैं, स्टोर नहीं खुल रहे हैं और हमारे व्यापारी मुंबई जैसे महानगरों में तक में कारोबार कर सकने में सक्षम नहीं हैं।”

आपको बता दें कई विशेषज्ञों के अनुसार एयरलाइन टिकटों की बुकिंग डिजिटल लेनदेन में कुल 30% का योगदान करती है, वहीँ सड़क यात्रा और मोबाइल बिलों के भुगतान कुल तौर पर 16% तक की हिस्सेदारी रखते हैं।

साथ ही भारत के व्यापक ई-कॉमर्स सेगमेंट में लगभग 40% ऑनलाइन भुगतान होते हैं, जबकि सरकारी सेवाओं के लिए डिजिटल भुगतान का आँकड़ा 14% के क़रीब होता है।

खास यह है कि मार्च से मई का समय परंपरागत तौर पर भारतीय उपभोक्ताओं को यात्रा इत्यादि के लिए सबसे अधिक आकर्षित करता है। लेकिन ऐसे हालातों में स्वाभाविक तौर पर यात्राओं के बड़े पैमानें पर प्रभावित होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस पर CCAvenues के सीईओ विश्वास पटेल ने कहा,

“मार्च और अप्रैल के समय यात्रा के लिहाज़ से माँग काफी अधिक होती है। लेकिन बढ़ते कोरोना वायरस के प्रभाव से यह स्थिति इस बार बदल सकती है, जिससे डिजिटल पेमेंट उद्योग काफी प्रभावित हो सकता है।”

“घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की यात्राओं की री-सीड्युलिंग, कैंसलिंग जैसी चीज़ें काफी बढ़ी हैं और हमनें अपने प्लेटफ़ॉर्म पर लगभग 40% से 45% तक कैंसलिंग दर दर्ज की है। साथ ही नए टिकटों की बुकिंग भी 35% तक कम हो गई है।”

लेकिन इस स्थिति के विपरीत Paytm के एक प्रवक्ता ने कहा;

“हम सामान्य दिनों की तुलना में डिजिटल भुगतानों में 20% की वृद्धि दर्ज कर रहे हैं। ईंधन स्टेशनों इत्यादि जगहों पर लोग Paytm के इस्तेमाल को प्रमुखता दे रहें हैं। साथ ही ऑफलाइन माध्यमों में भी Paytm को नकद से अधिक पसंद करने वाले लोगों की संख्या बढ़ने के कारण इसमें 12% की वृद्धि हुई है। “

खैर! डिजिटल पेमेंट क्षेत्र का मौजूदा हालातों में व्यापक तौर पर प्रभावित होना साफ़ नज़र आने लगा है। और देशभर में लगे कई प्रतिबंधों को देखते हुए ऐसा लगता नहीं है कि इन आंकड़ों में जल्द ही कोई सुधार देखने मिल सकता है?