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Source: Oyo Website

शायद ही ऐसा कोई व्यापार क्षेत्र हो जो कोरोना वायरस के चलते प्रभावित न हुआ हो। और ऐसे हालातों में होटल जगत भी सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले व्यवसायों में से एक बन गया है।

दरसल भारत का ऑनलाइन होटल बुकिंग स्टार्टअप OYO भी अब इसके प्रभाव से जूझता नज़र आने लगा है।

Softbank समर्थित इस स्टार्टअप के लिए जहाँ एक ओर चीन में चीज़ें काफी मुश्किल हो गई हैं, वहीँ अब जापान में भी कंपनी के व्यवसाय पर मौजूदा हालातों का प्रभाव देखा जा सकता है। दरसल कंपनी के लिए चुनौती यह है कि जापान में लांच होने के बाद से ही कंपनी वहां संघर्ष करती नज़र आई है। और अब COVID-19 ने जैसे हालत पैदा कर दिए हैं, उससे कंपनी की परेशानी और बढ़ गई है।

लेकिन हमेशा की तरह OYO इस चुनौती से निपटने के लिए भी आक्रामक प्रयास कर रही है। और इसी श्रृंखला में अब ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी द्वारा जारी किए गए एक बयान के अनुसार, जापान में कंपनी प्रभावित होटलों को उनकी पिछले साल की कमाई के अनुपात में इस मुश्किल हालत में नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान करेगी।

बता दें कंपनी ने यह ऑफ़र तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है और साथ ही फ़िलहाल कंपनी ने इसे अनिश्चितकाल के लिए लागू किया है।

दरसल दक्षिण कोरिया और चीन, दोनों देश जो वायरस से बहुत प्रभावित हुए हैं, जापान के कुल पर्यटकों में 50% की हिस्सेदारी रखतें हैं। इसलिए जापान में पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है और होटल व्यवसायियों के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है।

बहरहाल! कंपनी के कहा है कि जापान उसके लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और भले ही फ़िलहाल कंपनी यहाँ अपने को स्थापित करने की दिशा में संघर्ष कर रही है, लेकिन कंपनी हर संभव प्रयास करती रहेगी।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी के सीईओ और संस्थापक रितेश अग्रवाल ने कहा,

“जापान OYO के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण बाजार है, और हम इसको लेकर लंबे समय तक योगदान देते रहने का इरादा रखते हैं। इस संकट के समय में जापान के होटल मालिकों के प्रति एक वैश्विक होटल ग्रुप के रूप में यह हमारी एक छोटी सी मदद है।”

दिलचस्प यह है कि जापानी बाज़ार में काफी मजबूत पकड़ रखने वाला Softbank भी OYO को देश में बेहतर ढंग से स्थापित करने के लिए पूरी मदद कर रहा है। लेकिन इसके बाद भी OYO जापान में स्थानीय होटल व्यवसायियों द्वारा नकारें जाने और तकनीकी चुनौतियों के चलते काफी पिछड़ गया है। और अब तो कोरोनो वायरस की अतिरिक्त मार के चलते कंपनी के आँकड़े और भी ख़राब होते जा रहें हैं, और शायद इसलिए कंपनी ने अब इस नक़द प्रोत्साहन राशि जैसी पेशकश का सहारा लिया है।

बता दें OYO पहले ही चीन में अपने आधे कर्मचारियों की छंटनी करने के लिए मजबूर हो गया है और नुकसान को कम करने के लिए कंपनी आधिकारिक रूप से वैश्विक स्तर पर करीब 5000 से अधिक कर्मचारियों को निकालने का ऐलान भी कर चुकी है, जिसके बाद इसके कुल कमर्चारियों की संख्या 45,000 हो जाएगी।

वहीँ इस छटनी से सबसे अधिक भारत, चीन और अमेरिकी बाज़ार में कार्यरत कर्मचारियों के प्रभावित होने की अटकलें लगाई जा रहीं हैं।