हम आपको लगातार बताते रहें हैं कि किस प्रकार से कोरोना वायरस ने दुनिया भर में लोगों की ज़िंदगियों और दुनिया भर के देशों की अर्थव्यवस्था को कितनी बुरी तरह से प्रभावित किया है।

और अब आप इस वायरस के प्रकोप की गंभीरता का अंदाज़ा इससे भी लगा सकतें हैं कि वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य से संबंधित सभी मामलों पर नज़र रखने वाले ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)’ ने भी कोरोना वायरस को ‘महामारी’ घोषित कर दिया है।

दरसल विश्व भर में इस वायरस के चलते मौतों की संख्या में हुई अचानक वृद्धि के चलते WHO ने यह घोषणा की है। हालात इतने गंभीर हैं कि Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार कोरोनो वायरस को लेकर होने जा रही कई बैठकों को रद्द करना पड़ा है।

असल में दुर्भाग्यपूर्ण रूप से इस वायरस के चलते यूरोप में सबसे ज्यादा प्रभावित इटली में इससे होने वाली मौतों का आँकड़ा 827 संक्रमित लोगों में बढ़कर 31% तक पहुँच गया है, वहीँ ब्रिटेन में 456 संक्रमण मामलों में यह आँकड़ा 22% बढ़ा है।

बता दें इस आर्टिकल को लिखने तक, विश्व भर में इस संक्रमण से प्रभावित लोगों की संख्या 125,072 है, जिसमें से अब तक 4,590 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीँ 67,050 लोग इससे सुरक्षित निकलते हुए स्वस्थ हो चुकें हैं।

वैसे जहाँ एक ओर इस संक्रमण से रिकवरी होने की संभावना कहीं अधिक है, ख़ासकर 10 से 50 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों के लिए, वहीँ यह वायरस अन्य मौसमी फ्लू/बीमारी की तुलना में 10 गुना अधिक घातक भी बताया जा रहा है।

इस बीच इसकी गंभीरता का अंदाज़ा इससे भी लगाया जा सकता है कि इस वायरस के डर के चलते ही दुनिया भर में कई बड़े आयोजनों को रद्द कर दिया गया या उन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

बात भारत की करें तो 9 मार्च तक केरल से 17 और लोगों के इससे प्रभावित होने की पुष्टि के बाद से देश में यह आँकड़ा 60 हो गया है। जहाँ राजस्थान में अब तक सबसे अधिक 18 ऐसे मामलों की पुष्टि हुई है, वहीँ उत्तर प्रदेश राज्य में भी 8 लोग इस वायरस से संक्रमित पाए गए हैं।

और अब एतिहातन, भारत ने सबसे अधिक संक्रमित देशों के लिए 15 अप्रैल तक सभी प्रकार के पर्यटक वीजा देने पर प्रतिबंध जैसे कुछ कदम भी उठाएं हैं।

साथ ही यह बताने की तो जरूरत नहीं ही दिखाई पड़ती कि इस वायरस के चलते दुनिया भर की आर्थिक स्थिति में भी कितना व्यापक असर पड़ा है।

सार्वजनिक बाजारों में गिरावट लगातार जारी है। छोटे व्यवसायों के लिए भी दैनिक व्यवसाय का संचालन करना मुश्किल हो रहा है क्योंकि लोग घर के अंदर ही रहना पसंद कर रहें हैं।

अमेरिकी बाजारों में थोड़े समय की राहत के बाद एक बार फ़िर से जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, चीन, भारत सहित अन्य सभी प्रमुख बाजारों की तर्ज पर फ़िर से इसका असर देखने को मिल रहा है।