YES Bank पर लगे अचानक प्रतिबन्ध के चलते उपभोक्ताओं के आईडी और व्यापारी भुगतान इत्यादि को लेकर यूनीफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को ICICI Bank में स्थानांतरित करने के बाद भले ही PhonePe और BharatPe ने अपने संचालन को वापस से बहाल कर दिया हो। लेकिन ऐसा लगता है कि अब इन कंपनियों से इस घटना से काफी सबक लिया है।

दरसल YES Bank की घटना के बाद से बेंगलुरु स्थित PhonePe ने अब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ UPI के लिए एक ‘मल्टी-बैंक सपोर्ट’ को लेकर बातचीत कर रहा है। इस मामले की जानकरी इकॉनोमिक टाइम में छपी एक रिपोर्ट के जरिये सामने आई है।

इसमें यह भी बताया गया हुई कि दिल्ली आधारित BharatPe भी इसी सिलसिले में Kotak Mahindra Bank और SBI के साथ बातचीत के दौर में है।

दरसल शुक्रवार को ICICI Bank द्वारा मदद की पेशकश के बाद YES Bank अब लगभग 60% UPI लेनदेन कर रहा है, ऐसा इसलिए भी क्यूंकि यह पहले से ही UPI पेमेंट के सबसे बड़े प्लेटफ़ॉर्म Google Pay के साथ काम कर रहा था।

इस बीच रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 24 घंटे में YES Bank के इस संकट से उभरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सूत्रों के अनुसार;

“NPCI स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा था। और YES Bank ने भी ICICI Bank को जाँच पूरी होने तक UPI हैंडल को स्थानांतरित करने हेतु एक नॉन-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट दिया था।”

वहीँ PhonePe के सह-संस्थापक और सीईओ समीर निगम ने ट्विटर पर कहा,

“YES Bank को लेकर कभी भी हमनें इस तरह की कल्पना नहीं की थी। इससे हमनें सबसे अहम सबक सीखा।”

इस बीच कहा यह भी जा रहा है कि PhonePe ने अपनी बैलेंस शीट को लेकर भी बीते कुछ दिनों में काफी काम किया, क्योंकि उसे ICICI Bank के साथ नए नोडल खाते के माध्यम से व्यापारियों को भुगतान का निपटारा भी करना था, क्योंकि YES Bank के नोडल खाते में पैसा अभी भी अटका हुआ है।

वहीँ YES Bank पर आधारित अपने 20-30% QR Codes के प्रभावित होने को लेकर BharatPe के सह-संस्थापक और सीईओ अश्नेर ग्रोवर ने कहा;

“हमारे सभी QR अब पूरी तरह से काम कर रहें हैं। यह अब तक किए गए सबसे तेज़ मर्जर में से एक था, NPCI ने इसे पूरा करने के लिए रात भर हमारे साथ काम किया था।”

दरसल ICICI Bank ने कहा कि वह PhonePe की इस संकट में तुरंत मदद इसलिए भी कर सकता क्यूंकि क्योंकि बैंक के पास एक एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफ़ेस था, जिसे APIs के रूप में जाना जाता है, जिससे रेडी और सिस्टम ‘पीक-टाइम’ के दौरान काफी मात्रा में लेनदेन के लिए टेस्ट किया गया था।

ICICI Bank की ईडी अनीता बागची ने कहा;

“बैंक ने 40 लोगों की मजबूत टीम के साथ कानूनी संचालन और प्रौद्योगिकी को लेकर काफी तेजी से इस काम का निपटारा किया। साथ ही भविष्य में यदि ग्राहक चाहें तो ICICI Bank के डोमेन नामों को प्रतिबिंबित करने के लिए हैंडल संशोधित किए जा सकतें हैं।”

आपको बता दें वर्तमान में PhonePe उपयोगकर्ता अपने YES Bank की मौजूदा UPI ID के जगह @ybl का उपयोग करके लेन-देन कर सकते हैं। इस बीच Kotak Mahindra Bank के मुख्य डिजिटल अधिकारी दीपक शर्मा ने बिना BharatPe की खबर पर कुछ कहें सिर्फ़ इतना कहा कि कंपनी हमेशा पारस्परिक रूप से लाभप्रद साझेदारी के लिए तत्पर है।