Zomato द्वारा किया गया बहुचर्चित UberEats India का अधिग्रहण, अधिकारिक ऐलान के बाद भी इस सौदे की राशि को लेकर तमाम अटकलों से घिरा हुआ था।

लेकिन अब इन अटकलों पर विराम लग गया है क्यूंकि अब विदेशी बाजार में दायर किये गये कुछ नियामक दस्तावेज़ों में Uber ने यह ख़ुलासा किया है कि कंपनी ने Zomato को UberEats India करीब $206 मिलियन में बेचा था, जिसके एवज में Uber को Zomato में 9.99% की हिस्सेदारी दी गई।

यह खबर TechCrunch में प्रकाशित एक रिपोर्ट के जरिये सामने आ सकी है। आपको बता दें अब तक इस सौदे के $350 मिलियन में पूरे होने के अनुमान लगाए जा रहें थे।

हालाँकि बाकी सौदे की शर्ते पहले सामने आई जानकारियों की ही तरह हैं। Zomato इस सौदे में UberEats के ग्राहकों, रेस्तरां भागीदारों और ड्राइवर भागीदारों का अधिग्रहण करेगा, जिसके बाद UberEats भारत में एक स्वतंत्र ब्रांड के रूप में संचालित नहीं किया जाएगा।

इस बीच बता दें अधिग्रहण के अधिकारिक होने के बाद से ही UberEats India ऐप के भीतर सभी उपयोगकर्ताओं को स्वचालित रूप से Zomato ऐप पर री-डायरेक्ट किया जा रहा है।

दरसल जनवरी में Uber के एक ऐलान के तहत UberEats India का कारोबार भारतीय खाद्य वितरण स्टार्टअप, Zomato को 9.99% हिस्सेदारी के बदले सौंप दिया गया था। लेकिन तब इस सौदे की वित्तीय शर्तों का खुलासा नहीं किया गया था, और अभी भी केवल नियामक फाइलिंग के कारण ही यह खबर सामने आ सकी है।

Uber ने इस फाइलिंग में यह भी जिक्र किया कि सौदे के दौरान UberEats India का उचित मूल्य $206 मिलियन तय किया गया था, जिसमें Zomato से प्राप्त $35 मिलियन का GST टैक्स भी शामिल रहा।

लेकिन इसका एक दिलचस्प पहलु यह भी है। इस वित्तीय आँकड़ो के सामने आने से यह साफ़ पता चलता है कि इस सौदे से पहले Zomato की वैल्यूएशन में Alibaba के Ant Financials द्वारा $3 बिलियन की वैल्यूएशन पर $150 मिलियन का निवेश हासिल करने के बाद काफी बढ़त दर्ज की गई है।

एक और आँकड़ो में आपको बता दें, फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार पिछले साल भारत में खाद्य वितरण सेवा के संचालन ने होने वाले कुल कमाई ने वैश्विक राजस्व में केवल 3% की हिस्सेदारी दी और वहीँ कंपनियों को 25% तक का नुकसान सहना पड़ा।

इस बीच भारत का यह क्षेत्र UberEats India-Zomato के इस सौदे के बाद और भी दिलचस्प हो गया है, क्यूंकि अब इस क्षेत्र में Swiggy और Zomato सिर्फ़ दो ही बड़े ख़िलाड़ी नज़र आते हैं।

पर इतना जरुर है कि Amazon द्वारा भी भारत के इस बाज़ार में प्रवेश करने की ख़बरों ने इस क्षेत्र में नई संभावनाओं और अटकलों को जन्म दिया है। याद दिला दें कि अटकलों के मुताबिक Amazon इस काम के लिए भारतीय बिजनेस टाइकून और अरबपति नारायण मूर्ति के साथ साझेदारी कर सकता है। ऐसा इसलिए भी कहा जा रहा है क्यूंकि अपनी हाल ही की भारत यात्रा के दौरान Amazon के संस्थापक और सीईओ Jeff Bezos ने उन्हें बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया था।