भारत के ऑनलाइन पेमेंट जगत में काफी कम समय में लोकप्रियता हासिल करने वाले प्लेटफ़ॉर्म Google Pay के आँकड़े भी अब देश में इसकी सफ़लता की कहानी कहने लगें हैं।

जी हाँ! Alphabet के मालिकाना हक़ वाली Google द्वारा संचालित UPI पेमेंट सुविधा, Google Pay की RoC फाइलिंग के जरिये वित्त वर्ष 2018-19 की रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें साफ़ तौर पर कंपनी के राजस्व में बढ़त दर्ज की गई।

सबसे पहले तो आपको बता दें Google Pay का क़ानूनी तौर पर भारत में संचालन Google India Digital Services Private Limited द्वारा किया जाता है। और इस कंपनी के मार्च 2019 में खत्म होने तक राजस्व के तौर पर $156 मिलियन (1,119 करोड़ रूपये) कमाने की बात सामने आई है।

दिलचस्प यह है कि इन नए आँकड़ो की तुलना अगर साल दर साल बढ़त के पैमाने पर की जाए, तो कंपनी ने 155% की वृद्धि दर्ज की है। दरसल कंपनी का मार्च 2018 की समाप्ति में पिछले वित्त वर्ष यही आँकड़ा $61 मिलियन रहा था।

लेकिन शायद सब कुछ इतना भी सही नहीं है, दरसल अगर मुनाफ़े की बात की जाए तो आँकड़े कंपनी के बहुत हक़ में नज़र नहीं आतें हैं। लेकिन एक सच यह भी है कि फ़िलहाल भारत में डिजिटल पेमेंट बाज़ार को देखते हुए अभी सिर्फ़ मुनाफ़े के पैमाने पर किसी भी कंपनी को तौलना जल्दबाज़ी ही होगी।

लेकिन आपको आँकड़े जरुर बता देते हैं। असल में Google Pay का मुनाफ़ा मार्च 2019 के अंत तक करीब $710,000 के करीब ही रहा। इसको कंपनी के हक़ में इसलिए नहीं कहा जा रहा है क्यूंकि मार्च 2018 में कंपनी का यही आँकड़ा $760,000 था।

इस बीच RoC में दायर अपनी रिपोर्ट में कंपनी के निदेशकों की तरफ से कहा गया;

“हमने कंपनी में अपेक्षित वृद्धि दर्ज की है और हम लगातार और बेहतर प्रदर्शन के प्रति आशान्वित हैं। आँकड़े उत्साहजनक है, और साथ ही हमें उम्मीद है कि कंपनी की वृद्धि इसी प्रकार सकारात्मक रुझान के साथ जारी रहेगी।”

कंपनी अपने आगामी मुनाफ़े के आँकड़ो को लेकर भी इसलिए आशांवित नज़र आ रही है, क्यूंकि सितंबर 2019 में Google द्वारा यह ऐलान किया गया था कि Google Pay को और आगे बढ़ाने के लिए कंपनी अगले चरण में अब उद्यमों पर ध्यान केंद्रित करेगी।

जी हाँ! स्पष्ट रूप से भारत में व्यक्तिगत तौर पर UPI लेन-देन भले काफ़ी अधिक है, लेकिन यह अधिकांश P2P ही होता है और इसलिए UPI- आधारित भुगतान सेवाओं के लिए इससे मुनाफ़ा कमा सकना मुश्किल होता है। और अब यही कारण है कि Google Pay उद्यमों की ओर अपना ध्यान केन्द्रित करना चाहता है।

वैसे कंपनी ने इसकी शुरुआत भी अपने वार्षिक Google for India कार्यक्रम में ही कर दी है, जहाँ कंपनी ने छोटे व्यापारियों और मालिकों के लिए नई सुविधाओं की घोषणा की थी। इस घोषणाओं में “Spot” नामक सुविधा भी शामिल रही, जो असल में व्यापारियों को ब्रांडेड कमर्शियल अनुभव को तैयार करने में मदद करते हुए ऑफ़लाइन और ऑनलाइन दुनिया के लिए के ब्रिज साबित होता है।

आपको बता दें MakeMyTrip और Urban Company जैसे ब्रांड पहले ही कंपनी की इस नई सुविधा के पहले ग्राहकों में से एक बन चुकें हैं।

इसके साथ ही कोमप्न्य ने छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए समर्पित बिज़नेस ऐप Google Pay for Business भी पेश किया हुआ है। इस एप्लिकेशन में जहाँ अन्य सभी सुविधाएं तो शामिल हैं हीं, वहीँ इनके साथ ही साथ पेमेंट ट्रैकिंग, बिलिंग साइकिल और आसान सत्यापन प्रक्रिया जैसी अतिरिक्त सुविधाएँ भी दी जातीं हैं।

दरसल अपने क्षेत्र में Google Pay मुख्यतः Flipkart के मालिकाना हक़ वाले PhonePe और BharatPe के साथ प्रतिस्पर्धा करता नज़र आता है। दरसल यह तीनों कंपनियां भारत के आकर्षक UPI आधारित डिजिटल पेमेंट क्षेत्र में बड़ी हिस्सेदारी साझा करते हैं।

लेकिन इतना जरुर है कि Google की तरह ही यह ने दोनों कंपनियां भी मुनाफ़ा कमाने के नए विकल्प तलाश रहीं हैं, क्योंकि UPI भुगतान में मुनाफ़ा बना पाना कंपनी के लिए मुश्किल होता जा रहा है।

वैसे इन कंपनियों ने इसकी कोशिशें शुरू भी कर दी हैं, जहाँ एक ओर PhonePe ने हाल ही में ही PhonePe ATM सेवा का आगाज़ किया है, वहीँ इसके साथ ही यह अपने मौजूदा मंच पर करीब अपने 175 मिलियन उपयोगकर्ताओं के जरिये 540 मिलियन के मासिक ट्रांजैक्शन का भी दावा करता है।

वहीँ BharatPe ने भी हाल ही में अपने सीरीज-C राउंड में $75 मिलियन का निवेश हासिल करने के साथ ही NBFC बिज़नेस के लिए भी आवेदन किया है। यह प्लेटफ़ॉर्म करीब भारत के 30 शहरों में फ़िलहाल 3 मिलियन से अधिक व्यापारियों के जुड़ने का दावा करता है और साथ ही इस साल के मार्च तक इस आँकड़े को 8 मिलियन तक ले जाने की भी उम्मीद कंपनी द्वारा की जा रही है।

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