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The Google Play app store on an Android Pixel 3 XL smartphone, with the front-facing notch with cameras, sensors, and a speaker.

Google के एक कदम ने दुनियाभर में सुर्खियाँ बटोर ली है। दरसल कंपनी ने हाल ही में अपने Play Store पर 600 Apps पर बैन लगा दिया है।

कंपनी ने ‘ग़लत ढंग से विज्ञापन चलाने’ का आरोप लगाते हुए Apps और उनके डेवलपर्स को प्लेटफ़ॉर्म से बैन कर दिया है। खास यह है कि Google ने Buzzfeed News दिए एक बयान में इसकी पुष्टि भी कर दी है।

दरसल Google का यह कदम कंपनी के उन प्रयासों के तहत उठाया गया है, जिसमें कंपनी सुरक्षा या सामान्य पैमाने पर भी गलत या छलपूर्वक तरीके से विज्ञापनों का उपयोग करने वाले डेवलपर्स और मार्केटर्स को प्लेटफ़ॉर्म पर पूरी तरह से बैन कर रही है।

लेकिन इसका एक विडंबना से भरा दिलचस्प पहलु भी है। दरसल Google जो खुद इन मूल्यों और पैमानों पर ऐसे लोगों को बैन करने का काम कर रही है, वह ख़ुद काफी समय से ऐसे ही कुछ आरोपों से घिरी नजर आती रही है।

इस बीच आपको बता दें Play Store से बैन किये गये ज्यादातर डेवलपर्स भारत, हांगकांग और ख़ासकर चीन के हैं। वैसे तो यह एक संयोग या साधारण बैन के तौर पर भी देखा जा सकता है, लेकिन बीते कुछ समय से अमेरिका और चीन के बीच चले आ रहें व्यापार संबंधी तनाव के चलते कहीं न कहीं एक प्रश्नचिन्ह जरुर खड़ा होता है?

दरसल ऐसी आशंकाओं की एक वजह भी है, और वह है इन पूरे बैन प्रकरण में चीन के सबसे बड़े ऐप डेवलपर्स, Cheetah Mobile को भी बैन करना। दरसल यह डेवलपर कंपनी एक सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली चीनी कंपनी है।

लेकिन इसका एक और पहलु भी है जो हम आपके सामने रखना चाहेंगें। दरसल Cheetah Mobile पहले भी विज्ञापन संबंधी धोखाधड़ी में दोषी पाया गया था और भविष्य में कठोर दंड की चेतावनी के साथ उस वक़्त इसकी सिर्फ़ ऐप को ही प्लेटफ़ॉर्म से बैन कर दिया गया था।

लेकिन वापस से कुछ इसी तरह की विज्ञापन संबंधी धोखाधड़ी का दोषी पाए जाने पर, इस बार इसके सभी 45 Apps को Play Store से हटा दिया गया है। इस विषय में और जानकारी के लिए हमने Cheetah Mobile को मेल भी किया है और अधिक जानकारी हासिल होने पर हम आपको अपडेट करेंगे।

आपको बता दें Google की Play Store पॉलिसी के अनुसार, यह Apps को छलपूर्वक विज्ञापन चलाने से प्रतिबंधित करता है। दरसल कई बार डेवलपर्स ऐसे विज्ञापन तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उपयोगकर्ता अनजाने में भी उन पर क्लिक करें।

ऐसे विज्ञापनों को अतिसंवेदनशील क़रार दिया जाता है, जो GPRS या फोन कॉल जैसे महत्वपूर्ण कामों में भी बाधा उत्पन्न करते हैं। उदाहरण के लिए कुछ डेवलपर्स कॉल के दौरान पूरी स्क्रीन में विज्ञापन दिखाते हैं, ताकि न चाहते हुए भी उपयोगकर्ता गलती से उसपर क्लिक कर दे।

Google के विज्ञापन ट्रैफिक और क्वालिटी विभाग के वरिष्ठ प्रोडक्ट मैनेजर, Per Bjorke ने Buzzfeed News को दिए एक इंटरव्यू में बताया;

“यह एक ग़लत और धोखाधड़ी से भरा प्रयास है, जिसके चलते यूजर एक्सपीरियंस भी ख़राब होता चला जाता है और साथ ही कॉलिंग जैसे महतवपूर्ण काम को भी ऐसी कोशिशें काफी बाधित करती हैं। साथ ही अनजाने में विज्ञापनों पर क्लिक करवा के यह Apps विज्ञापनदाताओं के भी पैसे बर्बाद करते हैं।”

लेकिन इतना ही नहीं Bjorke ने आगे यह भी बताया कि Google ने ऐसे Apps का पता लगाने के लिए पिछले साल एक सुरक्षा उपाय पेश किया था। इसके चलते स्वचालित रूप से ऐसे Apps जो गलत ढंग से विज्ञापन चला रहें हैं, उन्हें पहले एक चेतावनी भेजी जाती है। लेकिन उसके बाद भी बात न मनाकर, बार-बार ऐसी बेईमानी करने पर कुछ ऐसा ही कठोर दंड मिलता है, जैसा हाल ही में देखने को मिला है।

लेकिन कहते हैं न जब आप खुद आरोपों में लिप्त हों तो ऐसे में दूसरों पर सवाल उठाना कहीं न कहीं पाखंड सा लगता है।

ऐसा इसलिए क्यूंकि पहले भी जैसा कि हमनें आपको बताया कि बीते काफी समय से Google को डेटा हेरफेर संबंधी आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही कंपनी पर भी गलत तरीकों से देश और देश के बाहर भी अपने विज्ञापनों को चलाने के आरोप लगते रहें हैं।

कंपनी को हाल ही में ही Fitbit के अधिग्रहण को भी रोकना पड़ा और साथ ही Google से कहा गया पहले वह खुद इस विषय पर विचार करे कि कंपनी कैसे यूरोपीय संघ के अधिकारियों को लेनदेन की रिपोर्ट सौंपने से पहले प्राप्त डेटा का उपयोग करेगी?

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