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Source: Oyo Website

जैसा की आप सभी जानते हैं कि कंपनियों की वित्त वर्ष 2019 की राजस्व रिपोर्ट्स सामने आने लगी हैं और इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए OYO के राजस्व आँकड़े भी सामने आयें हैं।

दरसल देश के अग्रणी होटल बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म OYO Rooms की मूल कंपनी OYO Hotels & Homes Private Limited द्वारा दायर की गई वार्षिक नियामक फाइलिंग RoC के अनुसार कंपनी की राजस्व रिपोर्ट मिले जुले आँकड़ों के साथ सामने आई।

सबसे पहले बात करते हैं कंपनी की कमाई की। वित्त वर्ष 2019 में कंपनी ने राजस्व में भारी बढ़त दर्ज की गई। दरसल साल 2019 में OYO ने कुल $951 मिलियन की कमाई की, जो साल साल 2018 के मुकाबले $211 मिलियन अधिक रही। वैसे इसका एक स्पष्ट कारण भी है, दरसल कंपनी ने चीन और अमेरिका में पूर्ण रूप से अपना संचालन शुरू करते हुए विश्व स्तर पर काफ़ी आक्रामक विस्तार किया है।

लेकिन इस आक्रामक विस्तार के चलते स्वाभविक रूप से कंपनी के खर्चों में भी भारी वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी का कुल नुकसान $335 मिलियन का रहा, जो साल 2018 के $52 मिलियन के आँकड़े से छह गुना अधिक रहा है।

दरसल कंपनी को सबसे अधिक नुकसान अपने चीन में विस्तार के चलते हुआ। कंपनी ने एक बयान में कहा कि इस आंकड़े का 75% भाग OYO द्वारा चीन में की गई आक्रामक भागीदारियों और अधिग्रहण का नतीजा है।

और इसीलिए चीन जैसे नए बाजारों में विस्तार के कारण वित्त वर्ष 2019 में कंपनी का कुल सकल मार्जिन 10.7% से घटकर 7.1% हो गया।

वैसे इस रिपोर्ट में OYO के लिए सब कुछ इतना भी बुरा नहीं है। भले ही कंपनी ने कुल तौर पर कमाई और घाटे दोनों में वृद्धि दर्ज की हो, लेकिन भारतीय बाज़ार में इसके घाटे में काफी कमी आई है।

OYO ने वित्त वर्ष 2019 में देश में राजस्व के लिहाज़ से $604 मिलियन की कमाई की, जो वित्त वर्ष 2018 के मुकाबले 2.9 गुना अधिक रही। वहीँ वित्त वर्ष 2019 में कंपनी का देश में घाटा 24% से कम होकर 14% पर आ गया और $83 मिलियन हो गया।

इतना तो साफ़ है कि देश में कंपनी के प्रदर्शन में काफी सुधार हुआ है, और आँकड़े भी इस बात की गवाही देते हैं। दरसल भारत में कंपनी का सकल मार्जिन भी वित्त वर्ष 2018 में 10.6% से बढ़कर वित्त वर्ष 2019 में 14.7% हो गया।

वैसे देखा जाए तो हाल के दिनों में OYO कई मुद्दों को लेकर ख़बरों में बराबर बना रहा। कर्मचारियों की छंटनी, होटल साझेदारों का विरोध इत्यादि OYO के लिए लगातार सुर्ख़ियों का कारण बने।

आपको याद दिला दें कंपनी ने हाल ही में ही भारत, चीन और अमेरिकी कार्यालयों में छंटनी की घोषणा की है, जिसमें अनुमान के तौर पर करीब 2000 से अधिक कर्मचारियों को निकालने का फ़ैसला किया गया है।

OYO के चीफ फाइनेंस ऑफिसर, अभिषेक गुप्ता ने कहा;

“पिछले कुछ सालों में OYO ने जिस गति से वृद्धि की है, वह हैरान करने वाली है और हम कई बार अपने ही अनुमान को पछाड़ देते हैं।

हम ग्राहकों की संतुष्टि, साझेदारों के साथ अपने संबंधों और कमीशन इत्यादि क्षेत्रों में लगातार सुधार के प्रयास कर रहें हैं, जिसमें हमारे कार्यबल को सही आकार देना भी शामिल है।”

साथ ही चीन और अन्य अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में अपने विस्तार के कारण होने वाले नुकसान के बारे में बात करते हुए अभिषेक गुप्ता ने कहा;

“चीन और अन्य अंतर्राष्ट्रीय बाजार विस्तार के लिहाज़ से निवेश की दरकार रखे हैं और इसलिए इसके चलते कंपनी को $252 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ तो कुल घाटे का 75% रहा। लेकिन हम आगामी सालों में भी इस क्षेत्रों में निवेश जारी रखेंगें।”

इस बात में कोई दोहराय नहीं है कि साल 2019 OYO के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में विस्तार के लिहाज़ से काफी सही साबित हुआ। कंपनी ने यूरोप के बाज़ार में प्रवेश करने के लिए भी Axel Springer से Leisure Group का $415 मिलियन के सौदे के अंतर्गत अधिग्रहण किया। साथ ही OYO ने आगे इसको बढ़ावा देने के लिए और $300 मिलियन खर्च किए।

साथ ही OYO ने अपने ही सबसे बड़े निवेशक Softbank के साथ मिलकर हाल ही में जापान में भी प्रवेश किया है।

लेकिन शायद कंपनी के लिए यह सौदा सही साबित नहीं हुआ, क्यूंकि ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के जरिये यह सामने आया है कि कंपनी का अनुमान अब तक 1 मिलियन से अधिक कमरों को प्लेटफ़ॉर्म से जोड़ने का था, लेकिन अब तक कंपनी महज़ 7,500 का आँकड़ा ही छू सकी है।

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