भारतीय बाज़ार फ़िलहाल निवेश के लिहाज से सिर्फ़ देश के निवेशकों को ही नहीं बल्कि व्यापक तौर पर विदेशी निवेशकों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

इसका अंदाज़ा आप इस बात से भी लगा सकतें हैं कि अब अमेरिका की निवेश कंपनी Falcon Edge Capital ने अपने भारत केन्द्रित निवेश फंड, Alpha Wave Incubation (AWI) के लिए $300 मिलियन डॉलर की राशि जुटाई है।

इस मामले से जुड़े गोपनीय सूत्रों के अनुसार यह राशि कंपनी ने अबू धाबी की सरकार और संयुक्त अरब अमीरात के निवेशकों द्वारा हासिल की है।

लेकिन दिलचस्प है इस Falcon Edge Capital के भारत केन्द्रित निवेश फंड, Alpha Wave Incubation (AWI) का इस्तेमाल। दरसल जानकारों की माने तो कंपनी इस फंड में प्राप्त नई राशि के जरिये भारत और दक्षिण पूर्व एशिया में 60-80 प्रारंभिक स्तर के तकनीक आधारित स्टार्टअप्स में एंजल, सीड और सीरीज़ ए जैसे राउंड के तहत निवेश करती नज़र आ सकती है।

वैसे कुछ सूत्रों ने यह भी कहा है;

“इस फंड का मुख्य इस्तेमाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी क्षमताओं से लैस स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए किया जाएगा।”

“साथ ही AWI इस फंड के इस्तेमाल के लिए एक अलग टीम भी बना सकता है, जो स्टार्टअप्स में $5 मिलियन तक का निवेश करती नज़र आएगी।”

बता दें Falcon Edge अपने वैश्विक कोष के जरिये शुरुआत स्तर के साथ ही नामी स्टार्टअप्स में भी निवेश करता रहा है। दावा यह भी किया जाता है कि कंपनी इस नए फंड से अपनी India Disruption Partners इकाई को लगभग $100 मिलियन की राशि सौंप चुकी है।

Falcon Edge द्वारा इस नए फंड को जुटाने की रिपोर्ट सबसे पहले बिज़नेस डेली मिंट के हवाले से सामने आई, जिसमें कंपनी द्वारा नया $250 मिलियन का भारत केन्द्रित फंड जुटाने की बात कही गई है।

जैसा कि हमनें पहले ही बताया Falcon Edge अब तक पारंपरिक रूप से भारत में हर स्तर के स्टार्टअप्स में निवेश करता नज़र आता रहा है, और इसके इस पोर्टफोलियो में Ola, Bounce, DailyHunt और StanzaLiving जैसे नाम शुमार हैं। इन निवेशों के जरिये कंपनी अब तक कुल $3 बिलियन की संपत्ति का मैनेजमेंट कर रही है।

वहीँ संयुक्त अरब अमीरात का इस भारतीय निवेश फंड में दिलचस्पी जाहिर करना अमीरात में उद्यमिता को बढ़ावा देने और अन्य कई उद्योग पर अपनी निर्भरता को कम करने के एक तरीके के रूप में देखा जा रहा है।

लेकिन इतना जरुर है कि AWI फंड के जरिय भारत और दक्षिण पूर्व एशिया की ही समस्याओं का समाधान देने वाले स्टार्टअप्स को प्राथमिकता दी जाएगी और संयुक्त अरब अमीरात अपनी बेहतर तकनीकी उपस्थिति के जरिये इन स्टार्टअप्स को और भी मदद प्रदान करेगा।

वैसे इस बात में अब कोई दोहराय नहीं कि दुनिया भर की निवेश कंपनियों ने भारतीय बाज़ार की संभावनाओं को पहचानना शुरू कर दिया है।

आपको बता दें रिपोर्ट्स के मुताबिक Sequoia Capital भी हाल ही में भारत और दक्षिण पूर्व एशिया केंद्रित फंड के तहत $1 बिलियन की राशि जुटाने पर काम कर रही है।

वहीँ Tiger Global भी अभी कुछ ही समय पहले हासिल किये गये $3.8 बिलियन के वैश्विक निवेश को भारत और दक्षिण पूर्व एशिया में इस्तेमाल करने के मौके तलाश रहा है।

चीन की दिग्गज तकनीकी कंपनी Tencent भी पिछले छह-आठ महीनों में लगभग 10 सौदों के जरिये भारतीय स्टार्टअप्स में दांव लगाने की अपनी मंशा को साफ़ जाहिर कर चुकी है।

साथ ही Steadview Capital और Ribbit Capital सहित अन्य ने भी देश में अपनी निवेश गति को बढ़ाने का तरीका तालशते नज़र आ रहें हैं।

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