बच्चों संबंधी सामान बेचने वाले भारतीय ईकॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म, Firstcry ने Softbank से नया निवेश हासिल किया है।

जी हाँ! Softbank ने अपने Vision Fund के जरिये इस स्टार्टअप में $150 मिलियन का निवेश किया है। दरसल इसको Firstcry के $300 मिलियन के निवेश दौर की दूसरी किश्त के रूप में देखा जा रहा है।

आपको बता दें इसकी पहली किश्त पिछले साल जनवरी में कंपनी को सौंपी गई थी। यह जानकारी डेटा विनियामक फाइलिंग के जरिये सामने आई है, जिसको Paper.vc के जरिये सार्वजानिक किया गया है।

इस नए निवेश के बाद बच्चों के उत्पादों को बेचने वाले Firstcry में Softbank की हिस्सेदारी 46.6% हो गई है। आपको बता दें इस फंडिंग की पहली किश्त के बाद कंपनी की वैल्यूएशन $850 मिलियन थी, और एक इस दूसरी किश्त के साथ ही कंपनी की वैल्यूएशन $975 मिलियन से $1.09 बिलियन के बीच मानी जा रही है।

दिलचस्प यह है कि अगर कंपनी की वैल्यूएशन वाकई $1 बिलियन या उससे अधिक साबित होती है, तो यह कंपनी यूनिकॉर्न क्लब में प्रवेश कर जाएगी। आपको बता दें यूनिकॉर्न क्लब का मलतब वह निजी कंपनियां जिनकी वैल्यूएशन $1 बिलियन या उससे अधिक होती है।

हालाँकि यह स्पष्ट कर दें कि अभी कंपनी की वैल्यूएशन अनुमानित है, और इसलिए ऐसा कोई भी दावा पेश करना जल्दबाजी होगी ही होगा।

दरसल Firstcry छोटे बच्चों के उत्पादों के लिए एशिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन स्टोर होने का दावा करता है। कंपनी की स्थापना 2010 में सुपम महेश्वरी और अमिताव साहा द्वारा की गई थी, जो आज भारत की सबसे अधिक फंडिंग हासिल करने वाली बेबी प्रोडक्ट ई-रीटेलर बन गई है।

खास यह है कि कंपनी रतन टाटा, IDG Ventures, Valiant Capital Partners, New Enterprise Associates और SAIF Partners सहित कई जाने-माने नामों को बतौर निवेशक जोड़ चुकी है।

कंपनी के प्लेटफ़ॉर्म पर आपको कई कैटेगरी में लाखों उत्पाद देखने को मिलेंगें, जिनमें डायपरिंग, फीडिंग और नर्सिंग के साथ ही साथ त्वचा और अन्य स्वास्थ्य देखभाल, खिलौने, कपड़े, जूते और फैशन के सामान भी शामिल हैं।

वहीँ कुछ साल पहले ही Firstcry ने मुंबई आधारित गर्भावस्था के दौरान माँ और शिशु संबंधी जरूरी सामानों को बेचने वाले एक ऑनलाइन स्टोर, BabyOye का अधिग्रहण किया था। यह डील कंपनी ने $54 मिलियन में की थी, लेकिन खास यह रहा कि उसी वक़्त कंपनी ने $34 मिलियन का फंड भी हासिल किया था।

इसके साथ ही FirstCry Group के अधीन Edubees Education ही है, जिसने हाल ही में ही Oi Playschool का अधिग्रहण किया, जिसका उद्देश्य कौशल को निखारना, जिज्ञासा को बढ़ावा देना और कम उम्र के कुछ सीखने की चाह रखने वालों को प्रोत्साहित करना है।

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