क़रीब चार साल पहले $70 मिलियन की भारी राशि के साथ Jabong का अधिग्रहण करने वाली Walmart के मालिकाना हक़ वाली Flipkart ने अब अधिकारिक तौर पर इसके संचालन को बंद कर दिया है।

जी हाँ दरसल Flipkart अब सिर्फ़ अपने प्रीमियम फैशन प्लेटफॉर्म Myntra पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित करना चाहता है। और इसलिए Jabong की वेबसाइट और ऐप पर क्लिक करने वालों को अब Myntra की शॉपिंग वेबसाइट पर भेजा जाने लगा है।

वहीँ जानकारों का कहना है कि इस कदम के जरिये Flipkart को अपने संचालन को मजबूत बनाने और अपनी बैलेंस शीट को भी सुधारने में मदद मिलेगी।

इस कदम पर, रणनीतिक कंसल्टिंग फर्म Third Eyesight के संस्थापक, देवांग्शु दत्ता ने कहा;

“जिस तरह से भारत का ई-कॉमर्स बाजार विकसित हुआ है, ग्राहकों को बार-बार अपनी सेवाओं को इस्तेमाल करने हेतु प्रेरित करने की आवश्यकता बढ़ गई है। और चूँकि ऐसा कम ही होता नज़र आ रहा है, इसलिए कई वेबसाइटों पर पैसा खर्च करने की बजाए एक वेबसाइट पर ग्राहकों को बनाये रखना बेहतर विकल्प होता है”

आपको बता दें Myntra फ़िलहाल इस पर कोई भी अधिकारिक टिप्पणी करने से बच रहा है। लेकिन इतना जरुर है कि पिछले साल जुलाई में ही Flipkart ने कहा था कि वह Jabong के मार्केटिंग खर्च में भारी कटौती करने की शुरूआत कर रहा है और ग्राहकों को Myntra की ऐप और वेबसाइट पर भेजा जाने लगा था।

आपको बता दें पिछले नवंबर में ही Walmart ने Jabong में अपने निवेश के चलते $290 मिलियन के नगदी रहित नुकसान की बात कही थी।

McKinsey के FashionScope के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय कपड़ों का बाजार 2022 में $59.3 बिलियन का होगा, जो विश्व स्तर पर छठा सबसे बड़ा होगा, जिसकी तुलना ब्रिटेन और जर्मनी से की जा सकती है।

लेकिन आज भी Flipkart के पास ऑनलाइन बिक्री संगठित परिधान खुदरा बिक्री की तुलना में 10% से कम ही है, वह भी तब जब Flipkart 2014 में Myntra और दो साल बाद Jabong का अधिग्रहण कर चुका है और लगभग 70% ऑनलाइन बाजार हिस्सेदारी का दावा करता है।

वहीँ वेब आँकड़ो को ट्रैक करने वाली कंपनी, SimilarWeb के अनुसार भारत में Jabong के ऐप डाउनलोड 2019 के नवंबर से दिसंबर तक में 12.71% तक गिर गए थे। साथ ही ऐप के उपयोग में भी लगातार गिरावट आ रही थी।

Jabong पर दैनिक सक्रीय उपयोगकर्ता 10.61% तक कम हो गये थे। लेकिन दूसरी ओर Myntra ऐप ने डाउनलोड में 41.18% की वृद्धि दर्ज की और दैनिक सक्रीय उपयोगकर्ताओं की संख्या में भी 31.87% की वृद्धि हुई।

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