अमेरिकी टॉप कंपनियों की राजस्व रिपोर्ट लगातार ही इस बीच सुर्खियाँ बटोर रही है। जहाँ कल हमनें Apple को कमाई के कई रिकॉर्ड तोड़ते देखा, वहीँ आज Facebook भी अपनी राजस्व रिपोर्ट के साथ अब सामने आया है। और इसके आँकड़े भी कम रोमांचित करने वाले नहीं हैं।

दरसल सोशल मीडिया दिग्गज, Facebook के अनुसार 2019 की आखिरी तिमाही में कंपनी का राजस्व एक साल पहले की तुलना में 25% बढ़कर $21 बिलियन हो गया है। हालांकि 2018 में 61% की वृद्धि की तुलना में कंपनी का लाभ केवल 7% सालाना वृद्धि दर से बढ़कर $7.3 बिलियन ही हो सका।

इस बीच ऑपरेटिंग मार्जिन भी 2018 के 45% की तुलना में 2019 में घटकर 34% हो गया है। राजस्व वृद्धि भी पिछली तिमाही की तुलना में 28% नीचे आई है।

साथ ही इन सभी आँकड़ो के नीचे आने के साथ ही साथ अब कंपनी के शेयर की कीमत भी कम हो गई है। इन घोषणाओं के कुछ ही घंटों के बाद कंपनी के शेयर कीमतों में 7% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

चौथी तिमाही में Facebook का खर्च $12 बिलियन से भी अधिक रहा, जो पिछले साल की तुलना में 34% अधिक रहा। आपको बता दें कंपनी ने बायोमेट्रिक डेटा संग्रह से संबंधित मुकदमे के समझौते के लिए $550 मिलियन के भुगतान पर भी सहमति दी है।

वहीँ उपयोगकर्ताओं के संदर्भ में Facebook पिछली तिमाही की तुलना में 2% बढ़कर 2.5 बिलियन मासिक उपयोगकर्ताओं तक पहुँच गया, जो पिछली तिमाही में 2.45 बिलियन थे। दिलचस्प यह है कि इस तिमाही में $1.66 बिलियन दैनिक सक्रिय उपयोगकर्ता रहे, जो पिछली तिमाही में 1.62 बिलियन थे, मलतब साफ़ तौर पर यह आँकड़ा 2.4% बढ़ा है।

हालाँकि देखने वाली बात यह है कि Facebook अपने मुनाफे को बढ़ाने में कामयाब रहा है, वह भी ऐसे समय में जब कंपनी जुर्माना, सुरक्षा, अनुसंधान और विकास, और व्यवसाय समेत अन्य क्षेत्रों पर अपने खर्च को बढ़ा चुकी है।

इस बीच अपनी इस कमाई से कंपनी को करीब $5 बिलियन का FTC भुगतान करना है, जिसके बाद इसके लाभ में कमी आ सकती है। लेकिन धीमी वृद्धि के साथ भी Facebook अपनी सेवा पर निर्भर लाखों विज्ञापनदाताओं से अधिक कमाई अर्जित करने में कामयाब रहा है।

हालांकि एक आँकड़े यह भी है कि 2019 कंपनी के लिए ऐसा साल रहा जहाँ कंपनी ने किसी भी तिमाही में बिक्री के सन्दर्भ में 30% से अधिक की वृद्धि दर्ज नहीं की।

दरसल यह सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म इतना बड़ा हो गया है कि इसके शेयरहोल्डर्स को भी तेज विकास की आदत सी लग गई है, और शायद यही वजह है कि वह इस रिपोर्ट से खुश नहीं नज़र आ रहें हैं। जिसका साफ़ सबूत यह है कि रिपोर्ट के आने के कुछ ही घंटों के भीतर कंपनी के स्टॉक 7% से गिरावट के साथ देखे गये।

वहीँ अब Facebook के फाउंडर और सीईओ मार्क जुकरबर्ग नवंबर के चुनाव में प्लेटफ़ॉर्म को लेकर काफी सचेत नज़र आ रहें हैं। दरसल इस बार कंपनी का उद्देश्य फ़ेंक न्यूज़ के प्रसार और विदेशी हस्तक्षेप को रोकने का होगा। और कंपनी के इन प्रयासों में कई बिलियन डॉलर भी खर्च होने की उम्मीद की जा रही है।

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