Amazon के संस्थापक Jeff Bezos आगामी हफ़्ते में भारत का दौरा करने वाले हैं, जिसमें वह कंपनी के आयोजन में शामिल होने के साथ ही साथ भारत सरकार के कुछ अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगें।

लेकिन इस दौरे के पहले ही अब ऐसी ख़बरे आने लगी हैं कि दौरे के दौरान Bezos के खिलाफ़ भारत के हजारों छोटे-मध्यम व्यापारी अपना विरोध दर्ज करवा सकते हैं। दरसल हजारों व्यापारियों की एक समिति इस विरोध प्रदर्शन को आयोजित करने की योजना बना रही है।

बता दें Bezos असल में नई दिल्ली में आयोजित हो रहे Amazon के एक कार्यक्रम में भाग लेने आ रहें हैं, जिसका उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्यमियों के साथ जुड़ना है।

इसके साथ ही सूत्रों के अनुसार उन्होंने इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री और अन्य सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक की भी इजाज़त माँगी है।

हालाँकि आपको यह जरुर बता दें कि न ही Amazon ने और न तो प्रधानमंत्री कार्यालय ने अब तक Bezos के किसी भी कार्य्रकम की कोई अधिकारिक पुष्टि ही है।

लेकिन खास खबर यह है कि करीब 70 मिलियन रिटेलर्स का प्रतिनिधित्व करने वाले समूह कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने कहा कि वह देश में Bezos की इस यात्रा के दौरान 300 शहरों में विरोध प्रदर्शन करेगा।

बता दें CAIT ने 2015 के बाद से ही ऑनलाइन रिटेलर्स Amazon और Walmart के मालिकाना हक़ वाले Flipkart के खिलाफ़ एक लड़ाई छेड़ रखी है, जिसके तहत CAIT का आरोप है कि यह प्लेटफ़ॉर्म भारी छूट और विदेशी निवेश नियमों का उल्लंघन करते हुए उनके व्यवसाय को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहें हैं।

इन आरोपों को लेकर Amazon पहले ही कह चुका है कि उसका मंच हजारों छोटे विक्रेताओं, कारीगरों, बुनकरों और महिला उद्यमियों को व्यावसायिक अवसर प्रदान करता है, न कि उनके व्यवसाय पर कोई नकारात्मक प्रभाव डालता है। लेकिन CAIT उसके इस जवाब से संतुष्ट नज़र नहीं आता।

CAIT के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा,

“हम दिल्ली, मुंबई, कोलकाता के साथ-साथ छोटे शहरों में भी Jeff Bezos के खिलाफ शांतिपूर्ण रैलियों का आयोजन करेंगें।”

“हमारे इस विरोध प्रदर्शन में कम से कम 100,000 व्यापारियों के जुड़ने की उम्मीद है।”

आपको बता दें CAIT की मुख्य शिकायत इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की बिक्री को लेकर रहती है, कि आखिर कैसे स्मार्टफोन इत्यादि रिटेलर्स को Amazon और Flipkart जैसे प्लेटफ़ॉर्म ने भारी छूट और एक्सक्लूसिव साझेदारियों के माध्यम से बड़ा नुकसान पहुँचाया है।

हालाँकि इस बीच सरकारं पिछले ही साल छोटे-बड़े खुदरा विक्रेताओं को मिलाकर लगभग 130 मिलियन रिटेलर्स के हितों की रक्षा के लिए बड़े ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्मो को भारी छूटों की पेशकश करने से रोकने के लिए कानून भी बनाया है।

इन नियमों ने ई-कॉमर्स फर्मों को अपने व्यापार ढांचे को बदलने के लिए मजबूर भी किया है। इस बीच CAIT ने वाणिज्य मंत्रालय में Flipkart और Amazon के खिलाफ़ याचिका भी दायर कर रखी है और फ़िलहाल मंत्रालय इसकी समीक्षा कर रहा है।

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