वर्तमान में Walmart के मालिकाना हक़ वाली Flipkart के फाउंडर सचिन बंसल ने कंपनी को अलविदा कहने के बाद से ही एक निवेशक के रूप में निवेश के सिलसले की शुरुआत की थी और जो अभी भी जारी है।

लेकिन अपने पिछले कुछ निवेशों से सचिन बंसल ने वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में कार्यरत स्टार्टअप्स में विशेष रूचि दिखाई है, और अब नए निवेश से उन्होंने इसको और भी पुख्ता कर दिया है।

दरसल Wadhawan Group Capital (WGC) से सचिन बंसल ने 100 करोड़ रूपये (लगभग $14 मिलियन) के एक सौदे के रूप में DHFL General Insurance के अधिग्रहण का ऐलान किया है।

खास यह है कि इस अधिग्रहण के साथ ही सचिन बंसल ने अब आधिकारिक रूप से भारत के इंश्योरेंस जगत में अपने कदम बढ़ा दिए हैं। उन्होंने पिछले साल ही Chaitanya Rural Intermediation Development Services (CRIDS) का 739 करोड़ रूपये (लगभग $104 मिलियन) में अधिग्रहण करके भारत के वित्तीय सेवा बाजार में प्रवेश की शुरुआत की थी।

इस बीच आपको बता दें DHFL के साथ इस सौदे को Navi Technologies के जरिये पूरा किया गया, जिसको पहले BAC Acquisitions के नाम से जाना जाता था। यह कंपनी सचिन बंसल द्वारा Flipkart का साथ छोड़ने के बाद 2018 को रजिस्टर की गई थी।

वहीँ बात करें DHFL की तो इसको 1984 में स्थापित किया गया था और यह Wadhawan Group Capital के 100% मालिकाना हक़ वाली इकाई थी।

यह कंपनी पिछले तीन दशकों से अपनी किफायती हाउसिंग फाइनेंस की सेवाओं की पेशकश के लिए जानी जाती है।

दिलचस्प यह है कि इसकी पैरेंट कंपनी WGC इसके साथ ही अन्य फाइनेंसियल सेवा प्रदाता कंपनियों जैसे Aadhar Housing Finance, Avanse Financial Services, DHFL Pramerica Asset Managers, DHFL Pramerica Life Insurance और DHFL General Insurance पर मालिकाना हक़ रखती है।

वहीँ फ़िलहाल DHFL General Insurance के मैनेजमेंट के तहत इसके पास 400 करोड़ रूपये की संपत्ति है।

बात करें सचिन बंसल की तो वह तेजी से भारत के फाइनेंस सेक्टर में अपने पैर जमाते नज़र आ रहें हैं।

CRIDS में सबसे अधिक हिस्सेदारी हासिल करने और इसके सीईओ बनने के बाद, उनकी कंपनी Navi ने टेक कंसल्टिंग फर्म MavenHive का भी अधिग्रहण किया था।

इसके साथ ही सचिन बंसल Bounce, Vogo, Altico Capital और IndoStar Finance जैसे स्टार्टअप्स  में भी एक निवेशक के तौर पर अपना नाम दर्ज करवा चुकें हैं।

वहीँ फरवरी 2019 में उन्होंने सबकों चौंकते हुए कैब सेवा प्रदाता Ola में 650 करोड़ रूपये का भी निवेश किया था।

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