एक और लॉन्च तथा एक और सफ़लता। जी हाँ! Elon Musk के मालिकाना हक़ वाली SpaceX के लिए समय काफ़ी बेहतर चल रहा है।

दरसल प्राइवेट एयरोस्पेस कंपनी, SpaceX ने आज फ्लोरिडा के Cape Canaveral एयर फोर्स स्टेशन में Space Launch Complex 40 (SLC-40) से Starlink सैटलाइटों का तीसरी बार सफलतापूर्वक लॉन्च किया।

आपको बता दें एक बार फ़िर से इन सैटलाइटों को 60 के बैच में लॉन्च किया गया है, जैसा कि इसके पहले वाले लॉन्च में भी किया जा चुका है। और फिर से एक बार लॉन्च में, पहले से ही तीन बार इस्तेमाल किया जा चुका Falcon 9 बूस्टर उपयोग करते देखा गया है, जिसे मई 2019 में पहले Bulk Starlink मिशन के लिए इस्तेमाल किया गया था।

इसके साथ ही SpaceX ने अटलांटिक महासागर में स्थित “Of Course I Still Love You” नामक ड्रोनशिप में सफलतापूर्वक Falcon 9 की फर्स्ट स्टेज लैंडिंग भी दर्ज की है। इसके साथ ही SpaceX अपने फायरिंग वेसल ‘Ms. Tree’ से लॉन्च के 45 मिनट बाद ही Falcon 9 को रिकवर कर पाने में भी कामयाब रहा।

लगातार ही SpaceX की हो रही आलोचनाओं के बीच कंपनी के लिए इसका तीसरा सफ़ल लॉन्च काफी मायने रखता है। दरसल कई बार देखा गया है कि धरती से अंतरिक्ष की विजिबिलिटी Starlink सैटलाइटों के चलते बाधित होती हैं, क्योंकि ये सैटलाइट पृथ्वी के बहुत करीब हैं और अधिक चमकीले भी।

लेकिन इस बारे में SpaceX ने इस लॉन्च में भी सफ़ाई दी। कंपनी के अनुसार डिप्लॉयमेंट के एक से चार महीने के कार्यकाल के बाद ये सैटलाइट अपने थ्रस्टर्स का उपयोग करके 290 किमी से 550 किमी की ऊँचाई में खुद को स्थापित कर देते हैं।

और एक बार सैटलाइट 550 किमी की ऊंचाई तक पहुंच गये तो यह ऑनस्टेशन सेवा शुरू कर देते हैं, और अपने रोटेशन को बदल कर यह जमीन से भी काफी कम दिखाई देते हैं।

इस बीच यह उड़ान इसलिए भी दिलचस्प है क्यूंकि इसमें SpaceX ने एक सैटलाइट की बॉडी में उसकी चमक को कम करने के लिए टेस्टिंग के तौर पर Darkening ट्रीटमेंट का उपयोग किया है।

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